याचिका में मांग की गई है कि राशन डिपो पर केवल निर्धारित गुणवत्ता वाला गेहूं ही भेजा जाए और उसमें नमी 12 फीसदी से अधिक न हो। जस्टिस निधि गुप्ता ने एनएफएसए डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 25 नवंबर तय की है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन डिपो पर खराब गुणवत्ता का गेहूं भेजे जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से जवाब तलब किया है।
जस्टिस निधि गुप्ता ने एनएफएसए डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 25 नवंबर तय की है। याचिका में मांग की गई है कि राशन डिपो पर केवल निर्धारित गुणवत्ता वाला गेहूं ही भेजा जाए और उसमें नमी 12 फीसदी से अधिक न हो। 12 से 14 फीसदी नमी होने पर कीमत में कटौती की जाए जबकि 14 फीसदी से अधिक नमी वाला गेहूं वितरण के लिए जारी न किया जाए। याचिका में 2022 के दिशा-निर्देशों और राज्य की खाद्यान्न नीति का भी हवाला दिया गया है।