पंजाब सरकार भारतीय रेलवे से विशेष रैक वाली मालगाड़ियों को लीज पर लेने पर विचार कर रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत रेलवे के सहयोग से इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है।

पंजाब में औद्योगिक विकास को नई गति देने और उद्यमियों का माल समय पर देश के विभिन्न हिस्सों तथा बंदरगाहों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार भारतीय रेलवे से मालगाड़ियां लीज पर लेने की तैयारी कर रही है।
उद्यमियों और एमएसएमई को होगा सीधा फायदा
रेल परिवहन बड़े पैमाने पर सड़क परिवहन की तुलना में कम खर्चीला माना जाता है। विशेष रैक के जरिए हजारों टन माल एक साथ भेजे जाने से परिवहन लागत घटेगी और उद्यमियों का लाभ बढ़ेगा। रैक सीधे पंजाब से भरकर तय गंतव्य तक जाएंगे जिससे समय की बचत होगी। डेडिकेटेड रैक होने से माल समय पर पहुंचेगा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को भी अपने उत्पाद भेजने में सुविधा मिलेगी। पंजाब के निर्यात आधारित उद्योगों को समय पर कंटेनर बंदरगाह पहुंचने से विदेशी ऑर्डर पूरे करने में आसानी होगी।
निवेश बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स ढांचा होगा मजबूत
सरकार का मानना है कि इस पहल से बड़े औद्योगिक पार्कों के विकास को गति मिलेगी और नए निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। इसके साथ ही वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब विकसित होने की संभावना है। वर्तमान में पंजाब का बड़ा उद्योग टेक्सटाइल, साइकिल, मशीन टूल्स, कृषि उपकरण, स्टील और खेल उत्पादों के परिवहन के लिए ट्रकों पर निर्भर है। डीजल की बढ़ती कीमतें, ट्रकों की सीमित उपलब्धता और राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम के कारण परिवहन महंगा और समय लेने वाला हो गया है। सरकार का मानना है कि रेल आधारित व्यवस्था लागू होने से इन समस्याओं में कमी आएगी और निर्यात के लिए माल समय पर बंदरगाहों तक पहुंच सकेगा।


