युवक ने लव मैरिज करने के लिए अपनी सुसाइड की झूठी कहानी गढ़ी और घरवालों को नहर में उतरते हुए वीडियो भेज दिया जिससे हड़कंप मच गया।

नहर में छलांग लगाने का वीडियो बनाकर परिवार को भेजने वाले रामां मंडी के 20 वर्षीय युवक ने रातभर पुलिस व समाजसेवी टीमों को परेशान करने के बाद अगले दिन सुबह घर पहुंचकर सबको हैरान कर दिया। युवक ने बठिंडा की सरहिंद नहर की बठिंडा ब्रांच के पुल पर अपनी बाइक और मोबाइल फोन छोड़ दिया था। इसके बाद उसने कथित तौर पर नहर में छलांग लगाने की बात कहते हुए एक वीडियो अपने पिता व कुछ परिचितों को भेज दिया।
तलाशी के दौरान नहर के किनारे ऐसा कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला, जिससे यह पुष्टि हो सके कि युवक ने पानी में छलांग लगाई थी। मौके पर न तो पांव के निशान हैं और ना ही ऐसा कोई साक्ष्य मिला जिससे युवक के नहर में गिरने की पुष्टि होती। रात अधिक होने के कारण सोसायटी की टीम को तलाश अभियान रोकना पड़ा। इस दौरान युवक के परिजन पूरी रात उसकी सलामती को लेकर परेशान रहे। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।
अगली सुबह युवक अचानक सकुशल अपने घर पहुंच गया। उसे सामने देखकर परिवार की चिंता खुशी में बदल गई। इसके बाद सामने आया कि युवक के नहर में छलांग लगाने की बात सही नहीं थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक अपनी पसंद की लड़की से लव मैरिज करना चाहता था और कथित तौर पर परिवार पर शादी के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से उसने यह पूरा घटनाक्रम रचा। हालांकि, मामले के इस पहलू की पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। नौजवान वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सोनू महेश्वरी ने भी बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि युवक लव मैरिज करना चाहता था और इसी कारण उसने ऐसा कदम उठाया।
नौजवान वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सोनू महेश्वरी ने कहा कि किसी व्यक्ति के नहर में छलांग लगाने या लापता होने की सूचना मिलने पर संस्था इसे गंभीरता से लेती है। ऐसी सूचना मिलने पर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाता और तुरंत तलाश अभियान शुरू कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में भी टीम ने रात के समय कई घंटे तक युवक की तलाश की। इस तरह की झूठी अथवा गुमराह करने वाली सूचनाओं से बचाव टीमों का कीमती समय और संसाधन खर्च होते हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी संस्था को इस तरह की गलत सूचनाएं मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति के संबंध में गलत सूचना देकर बचाव टीमों को अनावश्यक रूप से सक्रिय न करें।