एक दशक बाद फिर तेज हुई बरगाड़ी बेअदबी और बहिबल गोलीकांड की जांच, घटनास्थलों पर पहुंची एसआईटी

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श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान के बाद एसआईटी ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। इसी क्रम में टीम पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री विजय सांपला, पूर्व ओएसडी गगनदीप सिंह बराड़ और तत्कालीन डीसी फरीदकोट मालविंदर सिंह जग्गी से पूछताछ कर चुकी है।

Bargari sacrilege Behbal firing incidents Investigation SIT visits crime scenes in Faridkot

एक दशक पुराने बरगाड़ी बेअदबी और बहिबल कलां गोलीकांड मामलों की जांच एक बार फिर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। पंजाब सरकार द्वारा एसआईटी में किए गए बदलाव के बाद अब डीआईजी बठिंडा हरजीत सिंह के नेतृत्व में जांच को गति दी जा रही है।

इसी कड़ी में वीरवार को एसआईटी ने इन दोनों संवेदनशील मामलों से जुड़े घटनास्थलों का दौरा कर जांच के विभिन्न पहलुओं की दोबारा समीक्षा शुरू की।

एसआईटी सबसे पहले गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब में पहुंची, जहां से बेअदबी की घटनाओं की शुरुआत हुई थी। यहां एक जून 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप चोरी किया गया था। इसके बाद टीम द्वारा बरगाड़ी में बेअदबी वाले स्थान और बहिबल कलां में गोलीकांड स्थल का भी जायजा लिया जाएगा। घटनास्थलों का निरीक्षण कर पुराने रिकॉर्ड, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद टीम का थाना बाजाखाना जाने का भी कार्यक्रम है, जहां इन मामलों से संबंधित एफआईआर दर्ज हैं।

ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान के बाद जांच में तेजी

सूत्रों के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान के बाद एसआईटी ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। इसी क्रम में टीम पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री विजय सांपला, पूर्व ओएसडी गगनदीप सिंह बराड़ और तत्कालीन डीसी फरीदकोट मालविंदर सिंह जग्गी से पूछताछ कर चुकी है। अब घटनास्थलों के निरीक्षण को जांच के अगले चरण की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि बहिबल कलां गोलीकांड मामले में अंतिम चार्जशीट जल्द दाखिल की जा सकती है। चर्चा यह भी है कि इस चार्जशीट में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की भूमिका को लेकर एसआईटी फैसला ले सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक एसआईटी या पंजाब सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि कोटकपूरा गोलीकांड मामले में सुखबीर सिंह बादल पहले से ही नामजद हैं।

बरगाड़ी बेअदबी और बहिबल कलां गोलीकांड मामले वर्षों से पंजाब की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया के केंद्र में रहे हैं। ऐसे में एसआईटी की मौजूदा कार्रवाई को इन मामलों में आगे की दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

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Author: Farheen