बारिश के कारण पहला टी20 बेनतीजा रहा, लेकिन भारत की 189 रन की पारी में कई कमजोरियां भी सामने आईं। खराब ओपनिंग, ईशान किशन का लगातार रन आउट होना, मध्य ओवरों में धीमी बल्लेबाजी, तिलक वर्मा की कम स्ट्राइक रेट और बल्लेबाजी क्रम के प्रयोग टीम इंडिया के लिए चिंता का कारण बने।

भारत और इंग्लैंड के बीच चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेला गया पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। इंग्लैंड अपनी पारी की एक भी गेंद नहीं खेल सका और मैच बेनतीजा घोषित करना पड़ा। हालांकि इससे पहले भारत ने 20 ओवर में सात विकेट पर 189 रन बनाकर मजबूत स्कोर खड़ा किया। अभिषेक शर्मा, कप्तान श्रेयस अय्यर और शिवम दुबे ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन इस पारी ने टीम इंडिया की कुछ ऐसी कमजोरियों को भी उजागर कर दिया, जो आने वाले मुकाबलों में बड़ी चिंता बन सकती हैं।
खराब शुरुआत के बाद अभिषेक और श्रेयस ने संभाली पारी
भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। संजू सैमसन सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गए, जबकि ईशान किशन लगातार दूसरे मैच में रन आउट होने के कारण खाता भी नहीं खोल सके। महज छह रन के स्कोर पर भारत ने अपने दोनों ओपनर गंवा दिए थे और टीम मुश्किल में दिखाई दे रही थी।
इसके बाद अभिषेक शर्मा ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों पर हमला बोला। उन्होंने केवल 24 गेंदों में 59 रन बनाए, जिसमें छह चौके और चार छक्के शामिल थे। दूसरी ओर कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंदों में 68 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
अंतिम ओवरों में शिवम दुबे ने भी शानदार फिनिशिंग करते हुए 21 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाए। उनकी तेज पारी की बदौलत भारत 189 रन तक पहुंचने में सफल रहा। आखिरी पांच ओवरों में टीम ने 54 रन जोड़े, जिससे स्कोर चुनौतीपूर्ण नजर आया। लेकिन बारिश ने पूरे मुकाबले का रोमांच खत्म कर दिया और इंग्लैंड बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतर ही नहीं सका।
1. ओपनिंग जोड़ी फिर नहीं दे सकी मजबूत शुरुआत
टीम इंडिया की सबसे बड़ी चिंता एक बार फिर ओपनिंग बल्लेबाजी रही। संजू सैमसन और ईशान किशन से तेज बल्लेबाजी की उम्मीद थी, लेकिन दोनों बल्लेबाज शुरुआती दो ओवरों में ही पवेलियन लौट गए। लगातार शुरुआती विकेट गिरने से मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। अगर यही स्थिति मजबूत टीमों के खिलाफ बनी रही तो बड़े स्कोर बनाना मुश्किल हो सकता है।
2. रन आउट की गलती लगातार दोहराई जा रही है
ईशान किशन का रन आउट होना भी चिंता का विषय है। वह लगातार दूसरे मुकाबले में गलतफहमी का शिकार होकर रन आउट हुए। टी20 क्रिकेट में एक विकेट की कीमत काफी ज्यादा होती है। ऐसी गलतियां न सिर्फ टीम की शुरुआत खराब करती हैं, बल्कि बल्लेबाजों का आत्मविश्वास भी प्रभावित करती हैं। टीम प्रबंधन को रनिंग बिटवीन द विकेट पर विशेष ध्यान देना होगा।
3. मध्य ओवरों में टूट गया रन बनाने का सिलसिला
अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद भारतीय बल्लेबाजी की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई। आठवें से 14वें ओवर के बीच टीम तेजी से रन नहीं बना सकी। इस दौरान इंग्लैंड के गेंदबाजों ने दबाव बनाया और भारत बड़े शॉट लगाने के लिए संघर्ष करता नजर आया। टी20 क्रिकेट में यही ओवर मैच का रुख तय करते हैं। यदि मध्य ओवरों में रन गति कम हो जाए तो अंतिम ओवरों का दबाव काफी बढ़ जाता है।
4. तिलक वर्मा की पारी टीम की गति के अनुरूप नहीं रही
तिलक वर्मा ने 13 गेंदों पर सिर्फ 13 रन बनाए। हालांकि उन्होंने विकेट बचाकर रखने की कोशिश की, लेकिन टी20 क्रिकेट में इस तरह की धीमी बल्लेबाजी टीम की रन गति पर असर डालती है। उस समय भारत अच्छी स्थिति में था और तेजी से रन बनाने की जरूरत थी। अगर तिलक थोड़ा आक्रामक खेलते तो भारत आसानी से 200 रन का आंकड़ा पार कर सकता था।
5. बल्लेबाजी क्रम में प्रयोग ने खड़े किए सवाल
टीम मैनेजमेंट ने इस मुकाबले में अक्षर पटेल से पहले हर्षित राणा को बल्लेबाजी के लिए भेजा। हालांकि यह प्रयोग सफल नहीं रहा और हर्षित दो गेंद खेलकर बिना खाता खोले आउट हो गए। दूसरी ओर अक्षर पटेल के पास अनुभव भी है और बड़े शॉट खेलने की क्षमता भी। ऐसे में बल्लेबाजी क्रम को लेकर किए जा रहे लगातार प्रयोग भविष्य के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं, खासकर तब जब टीम पहले ही शुरुआती झटके झेल चुकी हो।
सकारात्मक संकेत भी मिले
हालांकि मैच बेनतीजा रहा, लेकिन भारतीय टीम के लिए कई सकारात्मक बातें भी सामने आईं। अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से शानदार फॉर्म का संकेत दिया। श्रेयस अय्यर ने कप्तानी पारी खेलकर जिम्मेदारी निभाई, जबकि शिवम दुबे ने एक बार फिर फिनिशर की भूमिका में प्रभावित किया। अगर शीर्ष क्रम लगातार रन बनाता रहा और टीम अपनी छोटी-छोटी गलतियों में सुधार कर लेती है तो आने वाले मुकाबलों में भारत और भी मजबूत नजर आ सकता है।
अब दूसरे टी20 पर नजर
बारिश के कारण पहला मुकाबला बिना नतीजे के खत्म हुआ, इसलिए अब दोनों टीमों की नजर चार जुलाई को मैनचेस्टर में होने वाले दूसरे टी20 पर होगी। भारत चाहेगा कि बल्लेबाजी की इन कमियों को दूर कर जीत के साथ सीरीज में बढ़त हासिल करे, जबकि इंग्लैंड भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर वापसी करने की कोशिश करेगा।



