पंजाब प्रभारी एवं पूर्व सीएम भूपेश बघेल के फॉर्मूले पर कांग्रेस हाईकमान ने मुहर लगा दी है। हाईकमान ने प्रदेशाध्यक्ष वड़िंग के साथ तीन कार्यवाहक प्रधान लगाए हैं। जट सिख के साथ अनुसूचित और पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व का भी ध्यान रखा गया है। जातीय समीकरण भी साधे हैं।

पंजाब कांग्रेस में लंबे से समय प्रदेशाध्यक्ष को बदले जाने की अटकलों पर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने विराम लगा दिया है। हाईकमान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगला विधानसभा चुनाव मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। इस दौरान पंजाब प्रभारी एवं पूर्व सीएम भूपेश बघेल के फाॅर्मूले पर मुहर लगाते हुए हाईकमान ने सूबे में तीन कार्यवाहक प्रधानों की भी व्यवस्था कर दी है।
इसके अलावा अन्य वरिष्ठ नेताओं को चुनाव संबंधित कमेटियों की बागडोर सौंपी गई है। कार्यवाहक प्रधानों की नियुक्ति में भी जातीय समीकरणों का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है। सभी वरिष्ठ नेताओं को हाईकमान ने तालमेल संग आगामी चुनाव के लिए कमर कसते हुए आगे बढ़ने के निर्देश भी दे दिए हैं।
दरअसल, पंजाब में दो चुनावी सर्वे करवाए गए थे। एक सर्वे हाईकमान ने करवाया था और दूसरा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने। हाईकमान के सर्वे में प्रदेशाध्यक्ष बदले जाने की सिफारिश की गई थी जबकि पंजाब कांग्रेस के सर्वे में मौजूदा अध्यक्ष वड़िंग के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने की बात कही गई थी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इन दोनों सर्वों पर पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से चर्चा की थी, जिस पर बघेल ने हाईकमान को यह राय थी कि चूंकि चुनाव के लिए समय कम है ऐसे में नेतृत्व न बदला जाए बल्कि मौजूदा अध्यक्ष के साथ कार्यवाहक प्रधान की व्यवस्था कर दी जाए। इस पर गौर करते हुए हाईकमान ने अब एक के बजाय तीन कार्यवाहक प्रधान फील्ड में उतारने का फैसला लिया है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि तीन कार्यवाहक प्रधान इसलिए लगाए गए हैं ताकि प्रदेश में करीब 37 प्रतिशत एससी आबादी (सिख-हिंदू) और 20 प्रतिशत से अधिक बीसी आबादी को पार्टी में उनके मजबूत प्रतिनिधित्व का अहसास कराया जा सके। एससी आबादी ज्यादा है, इसलिए दो एससी नेताओं को कार्यवाहक प्रधान बनाया गया है। प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग जट सिख से ताल्लुक रखते हैं।
ये बने कार्यवाहक प्रधान
- पंजाब के कांग्रेसी नेता सुखविंदर सिंह डैनी (बंदाला) को कार्यवाहक प्रधान बनाया है। वह अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं। माझा क्षेत्र के एक प्रमुख दलित चेहरे माने जाते हैं। उनके पिता सुजान सिंह बंदाला भी पंजाब के एक कद्दावर दलित नेता और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
- वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजकुमार वेरका को भी कार्यवाहक प्रधान बनाया है। वह विशेष रूप से वाल्मीकि समाज से आते हैं। वह पंजाब की राजनीति में इस वर्ग के एक बड़े और प्रमुख नेता माने जाते हैं। वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
- संगत सिंह गिलजियां राहुल गांधी के नजदीकी माने जाते हैं। वह पिछड़े वर्ग के अंतर्गत आने वाले लबाना समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वह पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। वह माझा/दोआबा क्षेत्र में लबाना समुदाय के एक प्रमुख राजनीतिक चेहरे माने जाते हैं।
चन्नी, रंधावा, सिंगला और अमर सिंह को भी बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस हाईकमान ने चुनावी तैयारियों से संबंधित कमेटियों का गठन कर दिया है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को प्रचार कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसी तरह विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का, पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा को कोर कमेटी और डॉ. अमर सिंह को मेनिफेस्टो कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है।
कांग्रेस हाईकमान ने चुनावी तैयारियों से संबंधित कमेटियों का गठन कर दिया है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को प्रचार कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसी तरह विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का, पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा को कोर कमेटी और डॉ. अमर सिंह को मेनिफेस्टो कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है।



