अब अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई हवा-हवाई न होकर, पूरी तरह से समयबद्ध और कानूनी दायरे में तीन कड़े चरणों में पूरी की जाएगी। जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार, पूरी कार्रवाई को तीन अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। ये हैं तीन चरण…

अलीगढ़ महानगर को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए नगर निगम ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों, मुख्य मार्गों, फुटपाथों और सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से काबिज अतिक्रमणकारियों को हटाया जाएगा। पूरी कार्रवाई समयबद्ध और कानूनी दायरे में तीन चरणों में की जाएगी।
इस संबंध में नगर आयुक्त ने अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट नामित करने और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के लिए डीएम को पत्र लिखा है। नगर निगम ने विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है। इसके तहत अब अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई हवा-हवाई न होकर, पूरी तरह से समयबद्ध और कानूनी दायरे में तीन कड़े चरणों में पूरी की जाएगी। जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार, पूरी कार्रवाई को तीन अलग-अलग चरणों में बांटा गया है।
चिह्नांकन और जियो-टैगिंग का काम होगा। सहायक नगर आयुक्त और संबंधित क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी की एक संयुक्त टीम हर वार्ड और मुख्य मार्ग का गहन सर्वे करेगी। इस दौरान स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण की पहचान की जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन अवैध निर्माणों की बाकायदा वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर जियो-टैगिंग की जाएगी और नगर निगम इसकी एक पूरी सूची तैयार करेगा।
दूसरा चरण : विधिक नोटिस और मुनादी
विधिक नोटिस जारी किए जाएंगे और मुनादी की जाएगी। ताकि अतिक्रमणकारी खुद ही अपना अतिक्रमण हटा लें। नोटिस की अवधि खत्म होने से पहले पूरे इलाके में ढोल-नगाड़ों के साथ बाकायदा मुनादी कराई जाएगी। इसके साथ ही, स्थानीय थानों में अतिक्रमणकारियों के साथ बैठक कर उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से कब्जा हटाने को समझाया जाएगा।
तीसरा चरण : बुलडोजर कार्रवाई और वीडियोग्राफी
तय समय सीमा के भीतर यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नगर निगम की टीम, मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल (महिला पुलिसकर्मियों सहित) के साथ मौके पर पहुंचेगी। इसके बाद बुलडोजर और नगर निगम के उपकरणों व लेबर की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा। इस दौरान जब्त किए गए सामान की सूची बनाकर उसे नगर निगम के सरकारी स्टोर में सुरक्षित रख दिया जाएगा। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
दोबारा कब्जा किया तो खैर नहीं, थानेदारों की होगी जिम्मेदारी
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि प्रशासन ने इस बार दोबारा अतिक्रमण की समस्या से निपटने का भी पुख्ता इंतजाम किया है। अभियान खत्म होने के बाद उस पूरे क्षेत्र की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी संबंधित थाने को सौंप दी जाएगी। इसके बाद यह सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस और थाने की होगी कि उस जगह पर दोबारा अवैध कब्जा न होने पाए। यदि कोई दोबारा कब्जा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह रहेगी जिम्मेदारी
नगर आयुक्त स्वयं इस पूरे अभियान के नोडल अधिकारी होंगे और हर हफ्ते प्रोग्रेस रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। सहायक नगर आयुक्त सर्वे करने, नोटिस भेजने, लेबर और बुलडोजर आदि की व्यवस्था करने का जिम्मा संभालेंगे। पुलिस क्षेत्राधिकारी मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स का इंतजाम करेंगे। मजिस्ट्रेट अभियान के दौरान मौके पर किसी भी प्रकार के विरोध, विवाद या प्रशासनिक गतिरोध को संभालने के लिए तैनात रहेंगे।