बरेली-मथुरा हाईवे पर बुधवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में छह महिलाओं की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में एक ही परिवार की चार महिलाएं शामिल थीं, जिनकी अर्थियां बृहस्पतिवार को एक साथ उठीं। कछला गंगाघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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बदायूं के उझानी में बरेली-मथुरा हाईवे पर बुधवार को हुए हादसे के बाद कछला के मोहल्ला मुरावन नगला में मातम पसरा है। बृहस्पतिवार को डालचंद्र के परिवार की चार महिलाओं की अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। कछला गंगा घाट पर चार महिलाओं का अंतिम संस्कार किया गया। इस हादसे में छह महिलाओं की मौत हुई थी। दो महिलाओं का अंतिम संस्कार बुधवार रात में ही कर दिया गया था। इस हादसे के बाद डालचंद्र के बेटे की शादी टाल दी गई।
बरेली-मथुरा हाईवे पर बुधवार दोपहर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों की चपेट में आकर ई-कार्ट सवार छह महिलाओं की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक कछला नगर पंचायत के मोहल्ला मुरावन नगला निवासी डालचंद्र के बेटे कुंवर पाल की 29 जून को शादी है। डालचंद्र, अपनी पत्नी, बेटी, दो बहुओं व परिवार की बुजुर्ग महिलाओं के साथ ई-कार्ट से भात मांगने ससुराल गठोना जा रहे थे। फूलपुर और बुटला बोर्ड गांवों के बीच तेज रफ्तार दोनों ट्रैक्टरों ने ई-कार्ट को रौंद दिया।
हादसे में डालचंद्र की पत्नी राजकुमारी (55 वर्ष), उनकी बेटी नारायणी देवी (39 वर्ष), दो बहुओं में सरला (21) वर्ष व गंगा श्री उर्फ आरती (35 वर्ष) के साथ ही परिवार की प्रेमवती (60 वर्ष) और रेवती (70 वर्ष) की मौत हो गई थी। प्रेमवती के परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार बुधवार रात ही कर दिया था। नारायण देवी का अंतिम संस्कार उनके सुसराल गांव गुलाबगढ़ी थाना सोरों कासगंज में किया गया।
दो थानों की फोर्स तैनात रही
डालचंद्र की पत्नी, उनकी दोनों बहुओं और गंगा श्री का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को कछला गंगा घाट पर किया गया। मुरावननगला से एक साथ चार अर्थियां निकलीं तो पूरा मोहल्ला सड़क पर उमड़ पड़ा। चीख-पुखार के बीच हर किसी के आंखें नम थीं। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। अंतिम यात्रा सुबह करीब 10 बजे मुरावननगला से शुरू हुई। सीओ उझानी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में दो थानों का फोर्स सुबह से ही तैनात रहा। अर्थियों के पीछे-पीछे पुलिसबल भी चल रहा था।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
जिस घर में शादी की शहनाई गूंजनी थी, वहां अब सिसकियां गूंज रही हैं। भात मांगने निकलीं जो महिलाएं ढोलक की थाप पर मंगल गीत गा रही थीं, हादसे के बाद उनकी जगह करुण क्रंदन ने ले ली। छह महिलाओं की मौत के इस प्रकरण में अभी तक आरोपी ट्रैक्टर चालक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस भीषण हादसे में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए मृतकों के परिजनों की ओर से तहरीर का इंतजार कर रही है।
परिवहन विभाग पर सवाल
हादसे का शिकार हुआ ई-कार्ट चार दिन पहले ही कासगंज से खरीदा गया था। इस ई-कार्ट का अब तक एआरटीओ कार्यालय से पंजीयन भी नहीं कराया गया था। इसके बावजूद वह हाईवे पर सवारियां ढो रहा था। इससे परिवहन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। वाहनों का पंजीकरण होने के बाद ही शोरूम से डिलीवरी का नियम है। इस मामले में इस नियम की अनदेखी की गई।
हादसे के बाद टली कुंवरपाल की शादी
हादसे के बाद कुंवरपाल की शादी को टाल दिया गया है। यह 29 जून की होनी थी। परिवार की महिलाएं कुंवरपाल की शादी के लिए ही भात की रस्म निभाने गठोना गांव जा रही थी, तभी बदायूं-मथुरा हाईवे पर भीषण हादसा हो गया। वही, कुंवरपाल के पिता डालचंद्र को राजकीय मेडिकल कॉलेज से स्थिति सामान्य होने पर छुट्टी दे दी गई। उनके दाहिने पैर में फ्रैक्चर और सिर में भी चोटें आई हैं। परिवार की चार महिलाओं की मौत के बाद वह गहरे सदमे में हैं।