पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच चुनाव आयोग ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने राज्यभर में किसी भी प्रकार के विजय जुलूस, रैली या सार्वजनिक उत्सव पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि परिणाम घोषित होने के बाद कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार सड़क पर शक्ति प्रदर्शन नहीं करेगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है, ताकि मतगणना के दिन और उसके बाद किसी भी तरह की अप्रिय घटना या तनाव की स्थिति पैदा न हो। चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा कर दिया गया है। सभी काउंटिंग सेंटरों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और प्रवेश केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही दिया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। प्रशासन सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी भड़काऊ या भ्रामक सूचना को तुरंत रोका जा सके।
इस बीच, विभिन्न राजनीतिक दलों के एजेंटों द्वारा यह शिकायत सामने आई है कि उन्हें मतगणना केंद्रों तक समय पर पहुंचने में दिक्कत हुई। कुछ एजेंटों ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रवेश में देरी हुई या आवश्यक पास के बावजूद अंदर जाने में परेशानी हुई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने कहा कि आयोग इन शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी गड़बड़ी की सूचना मिलेगी, उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। एग्जिट पोल के बाद सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। ऐसे में आयोग का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अतीत में चुनाव परिणामों के बाद कुछ स्थानों पर झड़प और तनाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
चुनाव आयोग ने दोहराया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है। इसलिए न केवल मतगणना प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है, बल्कि परिणाम के बाद की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। आयोग का कहना है कि जनता को शांतिपूर्ण माहौल में नतीजे स्वीकार करने चाहिए और किसी भी तरह की अफवाहों से बचना चाहिए।
फिलहाल राज्यभर में मतगणना जारी है और सभी की निगाहें अंतिम परिणाम पर टिकी हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा बनी रहे।