पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले 2021 के उन नतीजों की चर्चा तेज है, जहां जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा था। कई सीटों पर मुकाबला इतना कड़ा था कि कुछ सौ या हजार वोट इधर-उधर होने से तस्वीर पूरी तरह बदल सकती थी।

सबसे चर्चित मुकाबला Nandigram सीट पर हुआ था, जहां तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee को भाजपा उम्मीदवार Suvendu Adhikari ने करीब 2 हजार से कम वोटों के अंतर से हराया था। यह मुकाबला पूरे देश में सुर्खियों में रहा।
वहीं कुछ सीटों पर जीत का अंतर बेहद मामूली रहा। उदाहरण के तौर पर कुछ क्षेत्रों में उम्मीदवार महज 50-100 वोटों के अंतर से जीत दर्ज करने में सफल रहे। एक सीट पर तो केंद्रीय मंत्री रहे नेता ने केवल 57 वोटों से जीत हासिल की थी, जिसने मुकाबले की तीव्रता को दिखा दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 में भी ऐसी करीबी सीटें सत्ता का गणित बिगाड़ या बना सकती हैं। यही वजह है कि सभी दल उन विधानसभा क्षेत्रों पर खास रणनीति के साथ फोकस कर रहे हैं, जहां पिछली बार जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा था। 4 मई की मतगणना यह तय करेगी कि इस बार बाजी किसके हाथ लगती है।