एमबीबीएस छात्रों को बड़ी राहत: डीएमईआर ने दस्तावेज जारी करने के दिए निर्देश, रोजगार की स्थिति अभी भी अनिश्चित

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नोटिस में यह भी कहा गया है कि छात्र हरियाणा मेडिकल काउंसिल में अपना पंजीकरण कराएं, जिसके बाद स्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र कॉलेज प्रशासन के पास जमा रहेगा।
Major Relief for MBBS Students DMER Issues Directives for Release of Documents In haryana

हरियाणा में एमबीबीएस बॉन्ड पॉलिसी को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में हरियाणा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को 2020 बैच के छात्रों के दस्तावेज जारी करने के निर्देश दिए हैं।

निर्देशों के अनुसार, एमबीबीएस में प्रवेश के समय छात्रों द्वारा जमा किए गए सभी मूल दस्तावेज उन्हें वापस किए जाएंगे। इसके साथ ही एमबीबीएस से संबंधित दस्तावेज़ जैसे डीएमसी, इंटर्नशिप पूर्णता प्रमाणपत्र और प्रोविजनल डिग्री छात्रों को कॉलेज द्वारा विधिवत सत्यापित स्कैन कॉपी के रूप में प्रदान किए जाएंगे।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि छात्र हरियाणा मेडिकल काउंसिल में अपना पंजीकरण कराएं, जिसके बाद स्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र कॉलेज प्रशासन के पास जमा रहेगा।

इसके अतिरिक्त, कॉलेजों को निर्देशित किया गया है कि वे छात्रों को एक शपथ-पत्र (एफिडेविट) जारी करें, जिसमें यह उल्लेख होगा कि कुछ मूल दस्तावेज़ कॉलेज के पास सुरक्षित हैं, ताकि छात्र अन्य नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन कर सकें।

जहां एक ओर इसे छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरिम राहत के रूप में देखा जा रहा है, वहीं बॉन्ड पॉलिसी के तहत रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर स्थिति अभी भी अस्पष्ट बनी हुई है। इस विषय पर डीएमईआर की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टता या टिप्पणी सामने नहीं आई है।

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Author: priya singh

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