इस्राइल-ईरान युद्ध का असर: पंपों पर तेल भरवाने उमड़े लोग, पुलिस बल किया गया तैनात; डिपो से सप्लाई नहीं आई

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हरियाणा के फतेहाबाद में गुरुवार को पेट्रोल पंप पर तेल भरावने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे जिससे पेट्रोल पंपों पर काफी भीड़ लग गई।
इस्राइल-ईरान युद्ध का असर:पंपों पर तेल भरवाने उमड़े लोग, पुलिस बल किया गया  तैनात; डिपो से सप्लाई नहीं आई - Fuel Crisis In India Petrol Diesel Price  Hike In Haryana - Amar
इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर गैस के बाद अब पेट्रोल-डीजल पर भी पड़ने लगा है। सोनीपत शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर बुधवार को पेट्रोल की सप्लाई नहीं आई। इसकी जानकारी मिलते ही देर शाम से पेट्रोल पंपों पर तेल डलवाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी।

पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि यदि रात तक या वीरवार को डिपो से सप्लाई नहीं आई तो उनके पास पेट्रोल समाप्त हो जाएगा। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान प्रविंदर खत्री ने बताया कि बुधवार को सप्लाई नहीं आने के कारण ज्यादातर पेट्रोल पंप ड्राई होने के कगार पर हैं।

Fuel Crisis in India petrol diesel price Hike in haryana
कंपनी के अधिकारी उनके फोन नहीं उठा रहे हैं, जिससे उन्हें सप्लाई संबंधी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। जिले में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और जियो-बीपी के करीब 80 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं।

खत्री के अनुसार ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर रोजाना डिपो से तेल की सप्लाई आती है जिसे अगले दिन वितरित किया जाता है। यह क्रम लगातार चलता रहता है। इसमें बाधा आने पर कई पेट्रोल पंप ड्राई हो जाते हैं। कंपनी के अधिकारी को जब फोन किया गया तो उनका फोन भी रिसीव नहीं हो रहा है।

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कालुपुर चुंगी, कंवाली मोड़ सहित कुछ पेट्रोल पंप ड्राई हैं। यहां पर बस एक दिन का ही पेट्रोल ही बचा है। फिलहाल कोई पैनिक जैसी स्थिति नहीं है लेकिन डिपो से तेल की सप्लाई नहीं आने से अधिकांश पेट्रोल पंप संचालक परेशान हैं।
वहीं, हरियाणा के फतेहाबाद में भी शहर के मुख्य रोड पर स्थित पेट्रोल पंप पर पिछले कुछ दिनों से पीछे से सप्लाई नहीं आने के कारण  ईंधन की किल्लत देखने को मिल रही है। शहर के पेट्रोल पंप पर तेल का स्टॉक न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है, जिसके चलते पंप पर तेल डालने से माना किया जा रहा है। पंप संचालक ललित मेहता का कहना है कि यह समस्या स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि पीछे से तेल कंपनियों द्वारा सप्लाई में की जा रही कटौती के कारण पैदा हुई है।
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Author: priya singh

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