सड़क हादसे में बेटे की मौत के बाद विलाप करते हुए पिता महेश ने बताया कि बेटा सत्यवीर व गजेंद्र नोएडा में निजी कंपनी में काम करते थे। वहां रसोई गैस सिलिंडर खत्म हो गया था।

यूपी के संभल स्थित बहजोई में बाइक व स्कूटी की भिड़ंत में बाइक सवार गांव मंडनपुर निवासी सत्यवीर (20) व गजेंद्र (18) व स्कूटी सवार गांव मिर्जापुर कुरैशियान निवासी सैफ (18) की मौत हो गई। बाइक सवार दोनों लोग नोएडा से गांव सिलिंडर लेने के लिए आ रहे थे। वहीं, दूसरी ओर इस हादसे में स्कूटी सवार फतेहखान व आलम गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसा रविवार को रात करीब सात बजे बहजोई-इस्लामनगर मार्ग पर गांव मिर्जापुर के निकट हुआ। वहीं, सूचना पर सीओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह व थाना प्रभारी संत कुमार भी मय पुलिस टीम के पहुंच गए और हादसे की जानकारी ली। इस बीच, सीएचसी में लोगों की भीड़ रही। वहीं, परिजनों व रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
सत्यवीर व गजेंद्र बाइक पर नोएडा से घर आ रहे थे
मृतक सत्यवीर के पिता महेश ने बताया कि सत्यवीर व गजेंद्र बाइक पर सवार होकर नोएडा से घर आ रहे थे कि रास्ते में उनकी बाइक की स्कूटी से भिड़ंत हो गई और हादसे में दोनों की जान चली गई। वहीं, सैफ के परिजनों व आसपास के लोगों का कहना था कि सैफ समेत फतेहखान व आलम स्कूटी पर सवार होकर मिर्जापुर से बहजोई आ रहे थे कि रास्ते में हादसा हो गया और सैफ की जान चली गई।
चल रही हादसे की जांच-पड़ताल
सूचना पर पहुंची पुलिस ने हादसे की जांच पड़ताल की है। सीओ का कहना है कि मृतकों के शव पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं। वहीं, घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि हादसे की जांच-पड़ताल चल रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
नोएडा से सिलिंडर लेने गांव आ रहे थे सत्यवीर व गजेंद्र
सड़क हादसे में बेटे की मौत के बाद विलाप करते हुए पिता महेश ने बताया कि बेटा सत्यवीर व गजेंद्र नोएडा में निजी कंपनी में काम करते थे। वहां रसोई गैस सिलिंडर खत्म हो गया था। इसलिए सत्यवीर रिश्ते के भतीजे गजेंद्र के साथ नोएडा से बाइक पर सवार होकर सिलिंडर लेने गांव मंडनपुर आ रहे थे। गांव से कुछ किलोमीटर पहले ही रास्ते में हादसा हो गया और दोनों की जान चली गई।
इकलौते बेटे सत्यवीर की चल रही थी शादी की बात
पिता महेश का कहना था कि तीन भाई-बहनों में सत्यवीर उनका इकलौता बेटा था। बड़ी बेटी विनीता की शादी कर दी तथा एक छोटी बेटी रचना है। उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों से सत्यवीर की शादी की बात जिला बदायूं के थाना बिसौली क्षेत्र के गांव हरदासपुर से चल रही थी। अब सत्यवीर की मौत से इकलौते बेटे की शादी का सपना भी अधूरा रह गया।
पुलिस ने सीएचसी के गेट बंद कर किया भीड़ पर काबू
हादसे के बाद तीनों मृतकों के शव व दोनों घायल युवकों को देखने आए परिजनों व रिश्तेदारों समेत आसपास के लोगों की सीएचसी में इस कदर भीड़ लग गई कि पुलिस को सीएचसी के भवन के गेट बंद कर भीड़ पर काबू करना पड़ा।