सुधार पुलिस ने पत्रकार जगपाल सिंह सिविया और फर्जी समाजसेवी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ को गिरफ्तार कर लिया है जब्कि पुलिस रेड के दौरान फरार होने की कोशिश में घायल हुए पंच पत्रकार अमरजीत सिंह का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

लुधियाना के हलवारा के थाना सुधार की पुलिस ने दो पत्रकारों और एक फर्जी समाजसेवी के खिलाफ कॉमन इंटेंशन और 7 लाख रुपये जबरन वसूली की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया है। मामले में बाहरी राज्य की महिला और अन्य की भूमिका की जांच हो रही। आरोपी पत्रकार जगपाल सिंह सिविया निवासी रामगढ़ सिविया न्यूज चैनल और पंजाबी अखबार के लिए रायकोट स्टेशन से काम कर रहा है। वहीं अमरजीत सिंह निवासी अकालगढ़ रायकोट और गुरुसर सुधार स्टेशन से पंजाबी अखबार का पत्रकार है। अमरजीत सिंह अपने गांव अकालगढ़ का पंचायत सदस्य (पंच) भी है। तीसरा आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ फर्जी समाजसेवी है, जो लोगों की मदद करने के नाम पर जबरन वसूली की कोशिश में लिप्त पाया गया है।
सुधार पुलिस ने पत्रकार जगपाल सिंह सिविया और फर्जी समाजसेवी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ को गिरफ्तार कर लिया है जब्कि पुलिस रेड के दौरान फरार होने की कोशिश में घायल हुए पंच पत्रकार अमरजीत सिंह का अस्पताल में इलाज चल रहा है। थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि मामले में एक बाहरी राज्य की महिला और अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है। आने वाले समय में इन्हें नामजद करके गिरफ्तार किया जा सकता है।
शिकायतकर्ता रघवीर सिंह निवासी हंबड़ां रोड नजदीक साउथ सिटी लुधियाना ने बताया कि उनके जीजा के भाई के बेटे सिकंदर सिंह निवासी रत्तोवाल की सुधार बाजार स्थित रत्तोवाल चौक में मन्नत ग्रोसरी स्टोर नामक दुकान है। सिकंदर को स्टोर पर काम के लिए कर्मचारी की जरुरत थी। बाहरी राज्य के मजदूर परिवार की महिला ने अपनी बेटी को स्टोर पर रखने की पेशकश की और 1000 रुपये एडवांस भी ले लिए। कुछ दिन बाद लड़की और 1000 रुपये ये कहकर ले गई कि उसकी मां ने गांव जाना है। 25 फरवरी को महिला स्टोर पर आई और सिकंदर सिंह पर बेटी से छेड़खानी करने का आरोप लगाया।
इसके बाद पत्रकार जगपाल सिंह सिविया पंच पत्रकार अमरजीत सिंह सोनू और फर्जी समाजसेवी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ की एंट्री हुई। 2 और 4 मार्च को दीपू ने फोन करके बुलाया और 2 दिन का समय देते हुए 5 से 7 लाख रुपये में समझौता करवाने की पेशकश की। दीपू ने रुपये न देने की सूरत में दुष्कर्म का मुकद्दमा दर्ज करवा खबरें प्रकाशित करने सोशल मीडिया पर घसीटने की धमकी दी। रघबीर सिंह ने कहा कि जब उन्होंने रुपये नहीं दिए तो 10 दिन बाद तीनों आरोपियों ने महिला को साथ ले जा थाना सुधार में सिकंदर के खिलाफ शिकायत दे दी। जब पुलिस ने समय दिया तो तीनों आरोपी और महिला जांच में शामिल ही नहीं हुए। रघवीर सिंह ने कहा कि सिकंदर सिंह ने लड़की के साथ साधारण ऑनलाइन चैट की थी जिसके लिए माफी भी मांग ली, लेकिन आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल कर 5 से 7 लाख रुपये जबरी वसूली की कोशिश की।
डीएसपी वरिंदर सिंह खोसा ने कहा कि आरोपियों के साथ शिकायतकर्ता की बातचीत रिकॉर्ड है, जिसकी जांच की जाएगी। इसके अलावा फोन लोकेशन अन्य तकनिकी माध्यम और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कई अन्य लोग को भी आरोपियों द्वारा अपना शिकार बनाये जाने की बातें सामने आ रही हैं। आरोपियों द्वारा पीड़ित सभी लोगों से सामने आकर शिकायत करने की अपील की है। कथित आरोपी महिला और अन्य की भूमिका की भी जांच जारी है।