शंभू रेल ब्लास्ट: IED लगाते समय हड़बड़ी में हुआ धमाका, जगरूप के साथ एक और साथी, लाश घसीटकर 200 मीटर दूर ले गया

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शंभू रेल ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि आईईडी लगाते समय हड़बड़ी में धमाका हुआ था। मौके पर जगरूप की मौत हो गई थी। चारों आरोपी सात दिन के रिमांड पर हैं। ट्रेनिंग कैंप व हथियार नेटवर्क की जांच तेज हो गई है।

Punjab Blast News: राजपुरा-शंभू रेलवे लाइन पर जोरदार धमाका, 1 शव बरामद |  KhabarFast

शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर 27 अप्रैल की रात हुए धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक इस वारदात को एक नहीं बल्कि दो लोगों ने अंजाम दिया था। धमाके में मारे गए जगरूप सिंह निवासी गांव पंजवड़ जिला तरनतारन के साथ उसका एक और निहंग साथी भी मौके पर मौजूद था।

जांच में सामने आया है कि धमाके के बाद उसी साथी ने जगरूप की लाश को रेल ट्रैक से करीब 200 मीटर दूर घसीटकर ले जाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट के कारण शव इतनी दूर नहीं जा सकता था। मौके से जगरूप की पगड़ी और बाल ट्रैक से करीब 60 मीटर दूर मिले हैं जो इस आशंका को और मजबूत करते हैं।

पुलिस जांच के अनुसार सोमवार रात जगरूप सिंह फ्रेट कॉरिडोर पर आईईडी लगाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसे ट्रेन आने का आभास हुआ। उसे आवाज सुनाई दी और दूर से रोशनी भी नजर आई। घबराहट में उसने जल्दबाजी में गलत तार जोड़ दिया जिससे जोरदार धमाका हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसका साथी शव को घसीटकर दूर ले गया।
पुलिस अब इस दूसरे निहंग की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए गिरफ्तार चार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पटियाला पुलिस ने इन आरोपियों को मंगलवार को बड़ी नदी बांध रोड के पास कूड़े के ढेर के निकट से गिरफ्तार किया था।
उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ था। आरोपियों में प्रदीप सिंह खालसा निवासी मानसा, कुलविंदर सिंह बग्गा निवासी मानसा, सतनाम सिंह सत्ता निवासी तरनतारन और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी गोइंदवाल शामिल हैं।
बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सभी आरोपियों को पटियाला अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने 10 दिन के रिमांड की मांग की थी लेकिन अदालत ने सात दिन का रिमांड मंजूर किया।
ट्रेनिंग कैंप और हथियार नेटवर्क का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पंजाब के प्रमुख रेल मार्गों और सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिश के तहत ट्रेनिंग कैंप लगाए थे। यहां आईईडी लगाने और हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी गई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने विभिन्न स्थानों पर हथियार छिपाकर रखे हैं जिन्हें विदेश में बैठे हैंडलरों ने सप्लाई किया था।
पूछताछ के दौरान इन ट्रेनिंग कैंपों के ठिकानों और हथियारों के जखीरे की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही बरामद वॉकी-टॉकी सेट के जरिए इस्तेमाल किए गए कोड सिग्नल और गुप्त संचार प्रणाली की भी जांच हो रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी अगली कौन सी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। विदेशों से हो रही फंडिंग और संपर्कों की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं।
गांव पंजवड़ से आरपीजी, आरडीएक्स और असलाह बरामद
शंभू रेलवे ट्रैक पर आईईडी धमाके के मामले में पंजाब पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। तरनतारन जिले के गांव पंजवड से सतनाम सिंह पंजवड की निशानदेही पर पाक की आईएसआई के नेटवर्क के हिस्से के तौर पर गोला बारूद बरामद किया है।
इस बरामदगी से आतंकी नेटवर्क की गहरी साजिश को एक और बड़ा झटका लगा है। पटियाला पुलिस, स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल की और से गांव पंजवड़ खुर्द से बड़ा जखीरा बरामद किया गया है।

जखीरे में 2 किलो 296 ग्रामआरपीजी रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी), 3 डेटोनेटर,एक बैटरी, 1 किले 456 ग्राम आरडीएक्स के दो पैकेट, एक पी 86 हैंड ग्रेनेड, और तीन पिस्टल, 5 मैगजीन 84 कारतूसों के इलावा दो वायरलेस सेट, एक हेडफोन दो टाइमर स्विच शामिल हैं।

धमाके में मारे गए निहंग जगरूप सिंह पंजवड के घोड़ों के तबेले की खुरली से यह बरामदगी हुई है। एसएससी की टीम ने जगरूप सिंह पंजवड के भाई सतनाम सिंह पंजवड की निशानदेही पर यह बरामदगी की है।
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Author: Farheen

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