अमित शाह ने अकेले चुनाव लड़ने के दिए संकेत, सुखबीर बोले- स्वागत है

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। शाह के इस सियासी संकेतों पर शिअद के अध्यक्ष व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने तंज कसते हुए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव में भाजपा का स्वागत है।

Amit Shah hints at contesting elections alone in Punjab Sukhbir says Welcome

मोगा में रैली के दौरान पंजाबियों का सत्कार करने के बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पंजाब में फरवरी 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि हम पंजाब में छोटे भाई के नाते आए हैं और पंजाबियों के आशीर्वाद से साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा यहां सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ने जा रही है।मंच से शाह के इस दावे के बाद चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भाजपा के गठबंधन की अटकलों को लगभग विराम लग गया है।

उधर, शाह के इस सियासी संकेतों पर शिअद के अध्यक्ष व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने तंज कसते हुए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव में भाजपा का स्वागत है। पंजाब की सियासत में भाजपा पांव जमाने के लिए लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही है। लंबा समय भाजपा ने अकाली दल के साथ गठबंधन में गुजारा है। इसी गठबंधन ने साल 2007 से 2017 तक लगातार दो बार सूबे ने सरकार भी बनाई। साल 2022 के चुनाव से पहले दोनों दलों की सियासी राह अलग-अलग हो गई थी। पिछले चुनाव में शिअद को भी बड़ा झटका लगा और वे 3 सीटों पर सिमट गई।

अब शिअद आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा से गठबंधन करना चाहती थी। शिअद  के नेता यह दावा करते हैं कि पार्टी पंजाब और पंजाबियों के हितों के मुद्दे पर उनसे सहमत होने वाले सियासी दलों से (कांग्रेस व आप को छोड़कर) गठबंधन को तैयार हैं।

सुखबीर का 100 सीटों पर जीत का दावा
इन सियासी संकेतों को समझने के बाद सुखबीर बादल भी थोड़े नाराज दिख रहे हैं। इस पर भाजपा को चुनौती देते हुए सुखबीर ने 100 सीटों पर शिअद की जीत का दावा कर दिया है। उन्होंने कहाकि शिअद उसूलों वाली पार्टी है। चुनावी समर में कैसे उतरा हैं, इस पर फैसला लेना सभी दलों का अपना हम है। लिहाजा हम चुनाव में भाजपा का बतौर प्रतिद्वंद्वी स्वागत करते हैं। शिअद तो लोकसभा

में भी अकेले लड़ा था। बादल ने कहा, दिल्ली की पार्टियों को पंजाब और पंजाबियों के हितों से कोई लेना-देना नहीं हैं, वे तो यहां सिर्फ राज करने आती हैं।

जाखड़, कैप्टन थे गठबंधन के पक्षधर
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ व पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह दरअसल, चुनाव से पहले शिअद के साथ गठबंधन करने के पक्षधर थे। उनका मानना था कि पहले की तरह अकाली-भाजपा मिलकर सरकार बना सकते हैं मगर भाजपाइयों का एक धड़ा गठबंधन का विरोध कर रहा था। बात हाईकमान तक गई। इसके बाद यह इशारा हो गया था कि इस बार भी भाजपा अकेले दम पर ही पंजाब में चुनाव लड़ेगी और इसीतरह के संकेत अब अमित शाह मोगा रैली में दे गए हैं।

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Author: Farheen