पीड़िता नागालैंड की रहने वाली है और एम्स के एक विभाग में परास्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा है। 22 फरवरी की रात करीब आठ बजे रेजिडेंट डॉक्टर मोहद्दीपुर स्थित ओरियन मॉल से बाहर निकली। उसी दौरान तीन युवकों ने उनका पीछा करना शुरू किया, उन्हें घूरा, हंसी-ठिठोली की और नस्लीय टिप्पणी करते हुए अपशब्द कहे।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर की एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मोहद्दीपुर से एम्स गेट नंबर दो तक करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा कर दुर्व्यवहार और अनुचित शारीरिक छेड़छाड़ (बैड टच) के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पकड़े गए दोनों आरोपी देवरिया जिले के रहने वाले छात्र बताए जा रहे हैं।
पीड़िता नागालैंड की रहने वाली है और एम्स के एक विभाग में परास्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा है। 22 फरवरी की रात करीब आठ बजे रेजिडेंट डॉक्टर मोहद्दीपुर स्थित ओरियन मॉल से बाहर निकली। उसी दौरान तीन युवकों ने उनका पीछा करना शुरू किया, उन्हें घूरा, हंसी-ठिठोली की और नस्लीय टिप्पणी करते हुए अपशब्द कहे। युवकों ने मॉल से एम्स गेट नंबर दो तक उनका पीछा किया और रास्ते भर गाली-गलौज की। गेट के पास एक युवक ने शर्ट उतारकर अशोभनीय हरकत की और अचानक बैड टच किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन नाफोर्ड ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग किया। संगठन ने इसे गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन हमले का मामला बताया। पोस्ट में कहा गया कि पूर्वोत्तर से होने के कारण डॉक्टर को रूढ़िवादी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें गहरा सदमा और अपमान महसूस हुआ। मामला संज्ञान में आने के बाद एम्स थाना में पीड़िता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित कीं।
पुलिस ने देर शाम दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान देवरिया कोतवाली के उमा नगर निवासी सूरज गुप्ता और इसी क्षेत्र के रामनाथ उत्तरी निवासी अमृत विश्वकर्मा के रूप में हुई। जबकि तीसरे साथी की तलाश जारी है। तीनों आरोपी छात्र बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीसरा आरोपी कैंट का रहने वाला है। जो गोरखपुर डीडीयू में बीए तृतिय वर्ष का छात्र है उसी से मिलने दोनों युवक आए थे और लौटते समय उन्होंने वारदात को अंजाम दिया है।
क्या है नाफोर्ड
नाफोर्ड मुख्य रूप से रेजिडेंट डॉक्टरों की समस्याओं और उनके अधिकारों के लिए लड़ता है। यह महासंघ रेजिडेंट डाक्टरों के अधिकारों की सुरक्षा और बेहतर कार्य स्थितियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है।
एम्स थाना में पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। तीसरे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार कर लिया गया जाएगा।