गांव के दो धड़ों में चल रहे विवाद का फैसला करवाने पहुंचे बलजीत पर थाना प्रभारी हीरा सिंह और अन्य मुलाजिमों के सामने तेजधार हथियारों, लाठियों और लोहे की राडों से हमला किया गया। उनकी पगड़ी भी उछाली गई।

गांव के दो धड़ों में चल रहे विवाद का फैसला करवाने पहुंचे बलजीत पर थाना प्रभारी हीरा सिंह और अन्य मुलाजिमों के सामने तेजधार हथियारों, लाठियों और लोहे की राडों से हमला किया गया। उनकी पगड़ी भी उछाली गई। घटना को अंजाम देकर हमलावर फरार भी हो गए। सूचना मिलते ही बलजीत सिंह के समर्थकों ने थाने का घेराव करके धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
वहीं एसएसपी डॉ अंकुर गुप्ता के आदेश पर एसपी (डी) राजन शर्मा, एसपी स्थानक रमनिंदर सिंह देओल और डीएसपी शिवकमल भारी पुलिस बलों के साथ थाना सदर पहुंचे और सोमवार तड़के 5 बजे तक थाने में मौजूद रहे।
एसपी (डी) राजन शर्मा ने बताया कि आरोपियों की पहचान अमृतपाल सिंह, कुलविंदर सिंह, सरबजीत सिंह और इकबाल सिंह के रूप में हुई है, चारों के खिलाफ कॉमन इंटेंशन से जानलेवा हमला करने की विभिन्न आपराधिक धारा में केस दर्ज किया गया है।
मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह और कुलविंदर सिंह उर्फ दुल्ला को रायकोट पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लेने के बाद ही धरना प्रदर्शन खत्म हुआ। सरबजीत सिंह और इकबाल सिंह फरार हो गए हैं।
पीड़ित बलजीत सिंह ने अपनी शिकायत में रायकोट ट्रक यूनियन के प्रधान आप आगू बिंदरजीत सिंह गिल, जौहलां के सरपंच कुलदीप सिंह उर्फ कद्दू जौहलां और रुपिंदरजीत सिंह उर्फ सोहण बाबा समेत कुछ अन्य के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए हैं लेकिन रायकोट सदर थाने में फिलहाल चार आरोपियों के खिलाफ ही मामला दर्ज किया गया है।
बलजीत सिंह ने अपनी शिकायत में कहा कि वह गुरजंट सिंह को साथ लेकर रविवार देर शाम थाना सदर में किसी विवाद का फैसला करवाने गए थे। दूसरे पक्ष के रुपिंदरजीत सिंह के साथ सुखविंदर सिंह उर्फ लाला, गुरमीत सिंह, हरजीत सिंह, ट्रक यूनियन प्रधान बिंदरजीत सिंह निवासी रायकोट, सरपंच कुलदीप सिंह उर्फ कद्दू जौहलां, अमृतपाल सिंह, कुलविंदर सिंह उर्फ दुल्ला, सरबजीत सिंह, इकबाल सिंह, रणदेव सिंह राणा, रणजीत सिंह जीतू, गुरदीप सिंह राजू (सभी निवासी ताजपुर) थाना सदर में मौजूद थे।
थाने में जब दोनों पक्ष फैसला करने के लिए बातचीत कर रहे थे तो तैश में आए बिंदरजीत सिंह गिल ने कहा कि थाने के बाहर आ, तुझे देख लेते हैं। बलजीत सिंह के अनुसार विरोधियों की गलत शब्दावली का विरोध दर्ज करवा वे थाने से निकल कर घर जाने के लिए अपनी कार की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया। वे भाग कर थाने के अंदर आ गये लेकिन आरोपियों ने तलवार, लाठियों और लोहे की रॉड से वार करने शुरू कर दिए। तलवार उनके सिर पर मारी गई लेकिन पगड़ी ने बचाव कर दिया। आरोपियों ने पीटते हुए उनकी पगड़ी उछाल दी और जमीन पर गिराकर लाठी रॉड से कई वार करके उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।


