Reported by: Ujjwal Pratap
नॉर्थ दिल्ली के तिमारपुर इलाके में डीएम के आदेश पर चौधरी फतेह चौक के पास स्थित कई फूड स्पॉट्स को अतिक्रमण बताते हुए हटाया गया। इस कार्रवाई के तहत कई छोटे दुकानदारों और ठेला लगाने वालों की दुकानें हटाई गईं, जिनका पूरा परिवार इसी रोज़गार पर निर्भर था। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोगों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।
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स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां ईमानदारी से अपना व्यवसाय चला रहे थे और इसी से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। दुकानदारों का आरोप है कि बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के की गई इस कार्रवाई ने उन्हें बेरोज़गारी के कगार पर ला खड़ा किया है। उनका कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले पुनर्वास या वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
वहीं प्रशासन का पक्ष है कि यह कार्रवाई अवैध अतिक्रमण हटाने और नाले के निर्माण कार्य के लिए की गई है, ताकि क्षेत्र में जलनिकासी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत यह कदम जरूरी था।
हालांकि ज़मीनी हकीकत यह है कि इस कार्रवाई से कई परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास, मुआवज़े या वैकल्पिक रोज़गार व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है।




