Rajasthan: बांसवाड़ा में जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी और कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा के बीच जमीन को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। विधायक घोघरा ने मंत्री पर गरीबों की 52 बीघा जमीन हड़पने का आरोप लगाया है, जबकि मंत्री पहले ही विधायक पर जमीन से जुड़े मामलों में एफआईआर का दावा कर चुके हैं।
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जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी और डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा के बीच जमीन को लेकर सियासी वाकयुद्ध तेज हो गया है। तीन दिन पहले मंत्री खराड़ी द्वारा विधायक घोघरा पर जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी के दो मामलों के आरोप लगाए गए थे। अब विधायक ने पलटवार करते हुए मंत्री पर बांसवाड़ा जिले में गरीबों की 52 बीघा जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है।
विधायक घोघरा ने मंत्री खराड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी उम्र हो चुकी है और उन्हें अब रिटायरमेंट ले लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी युवा को आगे आने का अवसर देना चाहिए। विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्री जनजाति समाज के हित में कोई ठोस कार्य नहीं कर सके हैं और आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए एक रुपये का भी काम नहीं कराया गया।
जमीन नहीं, प्रदर्शन के कारण दर्ज हुई एफआईआर
विधायक ने मंत्री द्वारा लगाए गए एफआईआर के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये मामले जमीन से जुड़े नहीं हैं, बल्कि जन समस्याओं को लेकर किए गए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए थे। उन्होंने कहा कि वे ऐसी एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं।
विधायक घोघरा ने कुछ अधिकारियों पर मंत्री और सरकार के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के कई वार्ड तोड़े गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार बदलेगी तो इन सभी मामलों की जांच की जाएगी।




