पंजाब में बढ़ते गैंगस्टरवाद को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने राणा बलाचौरिया हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि दिनदहाड़े, हजारों लोगों की मौजूदगी में अपराधी गोलियां चलाकर फरार हो जाते हैं और इन अपराधों का सोशल मीडिया पर महिमामंडन किया जाता है।

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस के हिरासत में दिए गए इंटरव्यू के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य में बढ़ती अपराध और गैंगस्टर संस्कृति को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि आम जनता में कानून का डर खत्म होता जा रहा है। कोर्ट ने निर्देश दिए कि यदि किसी इलाके में पुलिस मौजूद होने के बावजूद दिनदहाड़े हत्या होती है और आरोपी फरार हो जाते हैं तो संबंधित एसएसपी की जिम्मेदारी तय की जाए। पंजाब का हत्या और फिरौती उद्योग बनना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने राणा बलाचौरिया हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि दिनदहाड़े, हजारों लोगों की मौजूदगी में अपराधी गोलियां चलाकर फरार हो जाते हैं और इन अपराधों का सोशल मीडिया पर महिमामंडन किया जाता है। अदालत ने कहा कि अपराधियों के हौसले इतनी बुलंदी तक कैसे पहुंचे कि वे पुलिस की मौजूदगी में भी बेखौफ हो गए। कोर्ट ने डीजीपी से तलब किया कि लॉरेंस के इंटरव्यू के बाद शूटिंग और हत्याओं के मामलों में अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारियां, निष्क्रिय अपराधियों की संख्या, फरार आरोपियों की संख्या और उन्हें पकड़ने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण दिया जाए। इसके अलावा कोर्ट ने वीआईपी सुरक्षा में तैनात पुलिस बल का ब्योरा भी मांगा।
हाईकोर्ट ने कहा कि एक्सटॉर्शन अब एक तरह की इंडस्ट्री बन चुका है। डीजीपी को निर्देश दिया गया कि लॉरेंस के इंटरव्यू के बाद कितनी फिरौती कॉल आईं, कितनी रकम वसूली गई, उसमें से कितनी राशि बरामद हुई और मनी ट्रेल खोजने के लिए क्या कार्रवाई की गई, इसका विवरण प्रस्तुत किया जाए।
पुलिस तैयारियों का जायजा
डीजीपी ने बताया कि आपरेशन प्रहार में लगभग 3000 गिरफ्तारियां की गईं, पुलिस मॉडर्नाइजेशन पर 297 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पंजाब में 88 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं और 6000 नई भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। गैंगस्टरों का महिमामंडन करने वाले हजारों वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा- राज्य गैंगस्टर स्टेट बनने की ओर न बढ़े
पंजाब में कानून और व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। आम जनता का विश्वास कायम रहे और राज्य गैंगस्टर स्टेट बनने की ओर न बढ़े। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे कड़े कदम जरूरी हैं ताकि जनता में सुरक्षा की भावना बनी रहे और अपराधियों का हौसला न बढ़े।



