Cough Syrup Case: शुभम को माफिया की नजर से बचाया, कवच बना था विकास; कफ सिरप को ऐसे पहुंचाया बांग्लादेश

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कफ सिरप तस्करी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में शुभम को सीधे माफिया की नजर से बचाने के लिए विकास एक तरह से “कवच” बनकर काम कर रहा था। विकास न सिर्फ शुभम की गतिविधियों को ढकता था, बल्कि तस्करी से जुड़े संपर्क और लेन-देन भी वही संभालता था।

Cough Syrup Case: नकली कफ सिरप तस्करी के आरोपी शुभम जायसवाल को लेकर बड़ा  खुलासा | Fake cough syrup case shubham jaiswal revealed | Dynamite News  Hindi

जांच में सामने आया है कि कफ सिरप की खेप को पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में छोटे-छोटे स्टॉक में रखा जाता था, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के सहारे सिरप को ट्रांसपोर्ट किया जाता और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचाया जाता था। वहां से एजेंटों के जरिए यह खेप बांग्लादेश भेज दी जाती थी। इस पूरे खेल में कई बिचौलिये और फर्जी कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं।

सूत्रों के अनुसार, शुभम को जानबूझकर सामने नहीं आने दिया जाता था। विकास हर स्तर पर उससे जुड़ा काम अपने नाम पर करता था, ताकि किसी भी जांच या कार्रवाई की आंच शुभम तक न पहुंचे। पैसों के लेन-देन से लेकर सप्लाई चेन तक, हर जगह विकास की भूमिका अहम बताई जा रही है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि कफ सिरप की मांग बांग्लादेश में अधिक होने के कारण इस नेटवर्क ने अंतरराष्ट्रीय तस्करी का रास्ता चुना। फर्जी मेडिकल सप्लाई और एक्सपोर्ट के नाम पर खेप को सीमा पार पहुंचाया गया। अब एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं और पूरे रैकेट की परत-दर-परत जांच की जा रही है।

फिलहाल कफ सिरप केस में पूछताछ और बरामदगी का सिलसिला जारी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े बड़े नामों का खुलासा हो सकता है और मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Author: Shikha Bhardwaj

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