इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में रैगिंग का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ सीनियर छात्रों ने जूनियर्स के साथ रैगिंग की और उन्हें नशा करने के लिए मजबूर किया। पीड़ित छात्रों ने इस पूरी घटना को मानसिक उत्पीड़न बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के मुताबिक, नए छात्रों को हॉस्टल और कैंपस के कुछ हिस्सों में बुलाकर डराया-धमकाया गया। आरोप है कि सीनियर्स ने दबाव बनाकर जूनियर्स से आपत्तिजनक हरकतें कराईं और नशे से जुड़ी चीजें लेने के लिए मजबूर किया। मना करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। डीएवीवी की एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित छात्रों से बयान लिए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन या निष्कासन तक का प्रावधान है।
वहीं पीड़ित छात्रों का कहना है कि वे काफी समय से डर के कारण चुप थे, लेकिन हालात बिगड़ने पर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। छात्र संगठनों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि कैंपस में रैगिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि किसी भी तरह की रैगिंग की सूचना तुरंत एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन या संबंधित अधिकारियों को दें। मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

