ग्वालियर-चंबल अंचल में अचानक हुई बारिश और तेज ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के साथ हुए ओले कई जिलों के खेतों में खड़ी फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान घरों और खेतों से निकल कर फसल की स्थिति को देखकर बेहाल नजर आए।


कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खरीफ और रबी की फसलें इस समय विकास के संवेदनशील चरण में हैं, ऐसे में ओले फसलों के लिए घातक साबित हो सकते हैं। आलू, गेहूं, सरसों और सोयाबीन जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। स्थानीय किसानों ने बताया कि कई खेतों में पौधे झड़ गए हैं और कुछ जगहों पर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटे में और अधिक बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई है। प्रशासन ने किसानों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में मुआवजे और फसल बीमा के लिए संबंधित अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों का कहना है कि बार-बार मौसम की मार झेलने के बाद उनके हालात बेहद खराब हैं। फसल बर्बाद होने से उनकी आय पर बड़ा असर पड़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग ने मौके पर निरीक्षण शुरू कर दिया है और किसानों को राहत उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।

