Prayagraj: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दुखी मन से छोड़ा माघ मेला, बोले- ऐसी कभी कल्पना नहीं की थी

Picture of Shikha Bhardwaj

Shikha Bhardwaj

SHARE:

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दुखी मन से मेला छोड़ दिया। उनके अचानक माघ मेले से प्रस्थान करने की खबर से श्रद्धालुओं और संत समाज में चर्चा तेज हो गई है। जाते समय शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की थी, जिसके कारण उन्हें माघ मेले को बीच में ही छोड़ना पड़े।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि माघ मेला सनातन परंपरा, साधना और संतों के समागम का पर्व है, लेकिन जिस तरह की परिस्थितियां इस बार बनीं, उससे उन्हें गहरा मानसिक कष्ट पहुंचा है। उन्होंने संकेतों में कहा कि व्यवस्थाओं और कुछ घटनाक्रमों ने उन्हें आहत किया है, हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या संस्था का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया।

सूत्रों के मुताबिक, माघ मेले के दौरान कुछ मुद्दों को लेकर संत समाज और प्रशासन के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई थी। इन्हीं हालातों के चलते शंकराचार्य ने मेला छोड़ने का निर्णय लिया। उनके समर्थकों का कहना है कि यह फैसला उन्होंने अत्यंत पीड़ा और मजबूरी में लिया है।

शंकराचार्य के माघ मेला छोड़ने के बाद संत समाज में हलचल है। कई संतों और धार्मिक संगठनों ने इस पर चिंता जताई है और कहा है कि ऐसे हालात सनातन परंपराओं के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि माघ मेले की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल रही हैं और सभी संतों का सम्मान सर्वोपरि है।

फिलहाल शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर संत समाज और प्रशासन के बीच बातचीत हो सकती है।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।