बारामती में हुए दर्दनाक प्लेन क्रैश ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने जो मंजर देखा, उसे शब्दों में बयान करना भी मुश्किल है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विमान के जमीन से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद चारों तरफ धुएं और आग का गुबार फैल गया। कुछ ही पलों में शांति चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गई।


चश्मदीद के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य शुरू होने से पहले ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने बताया, “हमने कंबल से ढके शवों के टुकड़े देखे। हर तरफ मलबा बिखरा पड़ा था। विमान के हिस्से दूर-दूर तक फैल गए थे।” प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतना भीषण था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया, ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। घायलों और मृतकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मलबे से जरूरी सबूत जुटाने का काम भी शुरू कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि लैंडिंग के दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया था, जिसके बाद वह रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, हादसे की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम मौके पर पहुंचकर तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
इस हादसे ने न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है। चश्मदीदों की आंखों देखी तस्वीरें हादसे की भयावहता को बयां कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।

