Indian Railways: कालका-शिमला मार्ग पर हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट का परीक्षण सफल, तीन कोच का है एक सैट

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पर्यटन की दृष्टि से पहली बार तीन कोच वाला ट्रेन सेट रेलवे द्वारा तैयार करवाया गया है ताकि पुराने कोच को नए कोच से बदला जा सके। नए कोच के बाहर भी बर्फीली वादियों पर आधारित चित्र बनाए गए हैं जोकि सैलानियों को आकर्षित कर रहे हैं।
Testing of the Hydraulic Multiple Unit on the Kalka-Shimla route successful; one set consists of three coaches

कालका-शिमला रेल खंड पर डीजल हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट (डीएचएमयू) का परीक्षण सफल हो गया है। अब इस नई ट्रेन के किराए व समय-सारिणी को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा ताकि विश्व धरोहर इस रेल खंड पर सैलानियों को भी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ट्रेन में सफर करने का मौका मिले।

पर्यटन की दृष्टि से पहली बार तीन कोच वाला ट्रेन सेट रेलवे द्वारा तैयार करवाया गया है ताकि पुराने कोच को नए कोच से बदला जा सके। नए कोच के बाहर भी बर्फीली वादियों पर आधारित चित्र बनाए गए हैं जोकि सैलानियों को आकर्षित कर रहे हैं। इसके अलावा तीनों कोच एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इंजन के साथ बोगी में 19-19 सीटें हैं जबकि बीच वाले कोच में 21 सीटें दी गई हैं। इसके अलावा एलईडी और फायर सेफ्टी सिस्टम और मोबाइल चार्जर की सुविधा भी प्रदान की गई है। कालका से शिमला तक की दूरी 96 किमी है। 

सीटीआई पर भ्रष्टाचार का आरोप, प्रधानमंत्री से गुहार

रेलवे के अंबाला मंडल में कार्यरत एक सीटीआई पर भ्रष्टाचार और उगाही के आरोप लगाए गए हैं जोकि चंडीगढ़ में तैनात हैं। टीटीई स्टाफ का आरोप है कि सीटीआई ड्यूटी लगाने के नाम पर रिश्वत मांगते हैं और मानसिक उत्पीड़न करते हैं। रेलवे कर्मचारियों ने अब इस मामले की शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र लिखकर की है।

प्रधानमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि सीटीआई ट्रेनों में ड्यूटी (लिंक ड्यूटी स्लीपर इंचार्ज) लगवाने के बदले जबरन रिश्वत की मांग करते हैं। पत्र के अनुसार, वह हर महीने करीब 2 से 2.5 लाख रुपये रिश्वत के रूप में वसूल रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जो रिश्वत देने से मना करता है, उसे मनमाने ढंग से परेशान किया जाता है और ड्यूटी रोस्टर में भेदभाव किया जाता है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सीटीआई रेलवे नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं। वे रिश्वत न देने वाले वरिष्ठ कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने के लिए उनके कनिष्ठ को आगे कर देते हैं।

कर्मचारियों ने पत्र में यह भी दावा किया है कि उनके पास इस भ्रष्टाचार के ऑडियो और वीडियो सबूत भी मौजूद हैं। शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख है कि सीटीआई रेलवे यूनियन के उप प्रधान (चंडीगढ़) के पद पर होने के कारण काफी प्रभावशाली हैं, इससे कर्मचारियों में डर का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि पहले भी वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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Author: admln

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।