ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का धरना लगातार छठे दिन भी जारी रहा। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आने के बाद समर्थकों और अनुयायियों में चिंता का माहौल बन गया है। लंबे समय से चल रहे धरने और स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद शंकराचार्य अपने संकल्प पर अडिग नजर आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, धरने के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को कमजोरी, थकान और असहजता महसूस हुई, जिसके बाद मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने उनकी जांच की। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने और इलाज लेने की सलाह दी, लेकिन शंकराचार्य ने फिलहाल धरना जारी रखने का निर्णय लिया है।
धरने के स्थल पर मौजूद शिष्यों और संत समाज के लोगों का कहना है कि शंकराचार्य की मांगें धर्म, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हैं, जिन्हें लेकर वे लगातार आवाज उठा रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि सरकार को उनके स्वास्थ्य को देखते हुए जल्द समाधान निकालना चाहिए।
धरने की खबर फैलते ही देश के विभिन्न हिस्सों से संत-महात्मा और श्रद्धालु समर्थन में पहुंचने लगे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और मेडिकल टीम को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इससे पहले भी कई मुद्दों पर आंदोलन और धरना दे चुके हैं। उनके अनुयायियों का कहना है कि वे हमेशा सत्य और धर्म के पक्ष में खड़े रहे हैं और किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं।
धरने के छठे दिन उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना के बाद प्रशासन और सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। समर्थकों की मांग है कि शंकराचार्य की मांगों पर संवाद के जरिए समाधान निकाला जाए, ताकि उनकी सेहत को और नुकसान न पहुंचे।
फिलहाल शंकराचार्य का धरना जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया अहम मानी जा रही है।