प्रतापगढ़ न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। जिला जेल में बंद 13 किन्नरों में से सात के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (CM Office) ने भी संज्ञान लेते हुए अलर्ट जारी किया है।

जानकारी के अनुसार, जेल प्रशासन की ओर से नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान कुछ बंदियों में संक्रमण की आशंका जताई गई थी। इसके बाद विशेष मेडिकल टीम द्वारा जांच कराई गई, जिसमें सात किन्नरों की एचआईवी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट सामने आते ही जेल प्रशासन ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग और उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, संक्रमित बंदियों को अलग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है और उनका इलाज तथा काउंसलिंग शुरू कर दी गई है। साथ ही अन्य कैदियों और जेल स्टाफ की भी एहतियातन जांच कराई जा रही है, ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।
इस पूरे मामले पर सीएम कार्यालय ने रिपोर्ट तलब की है और जेल प्रशासन से विस्तृत जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जेल के भीतर स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न हो।
जेल प्रशासन का कहना है कि संक्रमित बंदियों की पहचान गोपनीय रखी जा रही है और उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही जेल में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि अन्य बंदियों को संक्रमण से बचाव की जानकारी दी जा सके।
इस घटना ने जेलों में स्वास्थ्य सुविधाओं और नियमित मेडिकल जांच व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद वातावरण में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है, ऐसे में समय-समय पर जांच और जागरूकता बेहद जरूरी है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जेल प्रशासन संयुक्त रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।