MP/धार: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर एक बार फिर प्रशासन अलर्ट मोड में है। बसंत पंचमी के अवसर पर पूजा और नमाज को लेकर किसी भी तरह के टकराव को टालने के लिए 2016 वाला पुराना फार्मूला लागू करने की तैयारी की गई है। जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया है, ताकि धार्मिक भावनाओं के साथ–साथ कानून व्यवस्था भी बनी रहे।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक बसंत पंचमी के दिन बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु भोजशाला में सरस्वती पूजन के लिए पहुंचते हैं, वहीं मुस्लिम पक्ष द्वारा नमाज अदा करने की परंपरा भी चली आ रही है। पूर्व में कई बार इस मुद्दे पर तनाव की स्थिति बन चुकी है। इसे देखते हुए 2016 की तर्ज पर समय का विभाजन, प्रवेश की नियंत्रित व्यवस्था और अलग–अलग मार्ग तय किए गए हैं। पुलिस, प्रशासन और शांति समिति की बैठकों में दोनों पक्षों से सहयोग की अपील की गई है।
धार कलेक्टर और एसपी ने संयुक्त रूप से बताया कि संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी और बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि अफवाहों को तुरंत रोका जा सके। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हों और किसी भी पक्ष को असुविधा न हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भोजशाला आस्था और इतिहास दोनों से जुड़ा स्थल है, इसलिए राजनीति से ऊपर उठकर समाधान जरूरी है। दोनों समुदायों के प्रबुद्ध नागरिक भी शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें बसंत पंचमी के दिन पर टिकी हैं कि प्रशासन की यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।