होटल में रखने से नाराज हुए शिवसेना शिंदे गुट के पार्षद, पार्टी ने जीत का प्रमाण पत्र अपने कब्जे में लिया

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Shikha Bhardwaj

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शिवसेना शिंदे गुट में अंदरूनी नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। जानकारी के मुताबिक नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में ठहराने के फैसले से कई पार्षद असहमत हो गए। पार्षदों का कहना है कि उन्हें “नजरबंदी” जैसे माहौल में रखा जा रहा है, जबकि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं। इसी बीच पार्टी नेतृत्व ने सभी विजयी पार्षदों के जीत के प्रमाण पत्र अपने कब्जे में ले लिए, जिससे विवाद और गहरा गया।

होटल में रखने से नाराज हुए शिवसेना शिंदे गुट के पार्षद, पार्टी ने जीत का प्रमाण  पत्र अपने कब्जे में लिया - Mumbai BMC Election Shiv Sena Shinde Faction  Councillors 7 Star

सूत्रों के अनुसार पार्टी को डर है कि विपक्ष या दूसरी पार्टियां पार्षदों को तोड़ने की कोशिश कर सकती हैं। इसी आशंका के चलते शिंदे गुट ने सभी पार्षदों को एक साथ होटल में रखने का फैसला किया था। लेकिन कई पार्षदों ने इसे अपमानजनक बताया। उनका कहना है कि हम जनता के बीच से चुनकर आए हैं, हमें छिपाकर रखने की जरूरत क्यों पड़ रही है। कुछ पार्षद तो होटल से बाहर निकलकर अपने समर्थकों से मिलने भी पहुंच गए, जिसके बाद पार्टी में हड़कंप मच गया।

विवाद तब और बढ़ गया जब यह खबर सामने आई कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पार्षदों के जीत के सर्टिफिकेट अपने पास जमा करा लिए हैं। नाराज पार्षदों का आरोप है कि यह उन पर दबाव बनाने की कोशिश है ताकि वे पार्टी लाइन से बाहर न जा सकें। हालांकि शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि यह कदम सिर्फ कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया है, इसमें किसी की मंशा पर शक नहीं होना चाहिए।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले दिनों में मेयर और नगर निकाय के अहम पदों को लेकर खींचतान तेज हो सकती है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लपक लिया है और इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। अब देखना होगा कि शिंदे गुट इस असंतोष को कैसे संभालता है और पार्षदों का भरोसा वापस जीत पाता है या नहीं।

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Author: Shikha Bhardwaj

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