लोंगोवाल में रविवार देर रात धरना दे रहे किसानों को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। सोमवार रात जैसे ही किसान नेता रिहा होकर बाहर आए, समर्थकों ने उनका स्वागत किया।

लोंगोवाल में चल रहे धरने के दौरान हिरासत में लिए गए किसानों को सोमवार रात पटियाला जेल से रिहा कर दिया गया। इस दौरान समर्थकों ने हार पहना कर किसानों का स्वागत किया।
जेल से बाहर आते ही भारतीय किसान यूनियन (एकता आजाद) के प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल और दिलबाग सिंह हरीगढ़ ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक कहा कि सत्ता के नशे में चूर सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गांवों में घेरकर लेंगे पाई-पाई का हिसाब
किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब के हर नागरिक को सरकार से सवाल पूछने का संवैधानिक अधिकार है, जिसे कोई छीन नहीं सकता। जसविंदर लोंगोवाल ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों पर जुल्म कर रही है। लेकिन याद रहे, आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान सत्तापक्ष के हर प्रतिनिधि को गांवों में घेरकर सवाल पूछे जाएंगे। जनता इनसे अपनी पाई-पाई का हिसाब लेगी।
देर रात हुई थी रिहाई
बता दें कि रविवार देर रात लोंगोवाल में धरना दे रहे किसानों को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। सोमवार रात जैसे ही किसान नेता रिहा होकर बाहर आए, समर्थकों ने उनका स्वागत किया। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी आवाज दबाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी और वे हक की लड़ाई जारी रखेंगे।