जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पंजाब आए हैं। अमृतसर में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे सीएम अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को पंजाब के अमृतसर पहुंचे। अमृतसर में फुलकारी संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उमर अब्दुल्ला खास तौर पर शिरकत करने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने फुलकारी संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों और कार्यक्रम के आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात, केंद्र सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
आर्टिकल 370 हटाए जाने को लेकर उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस फैसले से राज्य में कोई सकारात्मक सुधार नहीं हुआ है, बल्कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह से कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के अधिकारों और संसाधनों में लगातार कटौती की जा रही है।
मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने योजना का नाम बदल दिया है, जिस पर उन्हें आपत्ति है। पहले मनरेगा की पूरी फंडिंग केंद्र सरकार करती थी, लेकिन अब इसका आर्थिक बोझ राज्यों पर डाला जा रहा है, जबकि केंद्र के पास पर्याप्त फंड मौजूद है। ऐसे में राज्यों पर अतिरिक्त दबाव डालना उचित नहीं है।
मेडिकल कॉलेजों को बंद किए जाने के मुद्दे पर भी उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बांग्लादेश को जो सीख दे रही है, उसे अपने देश में भी लागू करना चाहिए और यहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोकना चाहिए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में टूरिज्म पर कहा कि पर्यटन को लेकर जो हमारे मुख्य राज्य जैसे, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल हैं। हमारी कोशिश है कि इन जगहों से दोबारा पर्यटन का सिलसिला शुरू हो। मैं ये नहीं कहूंगा कि हम पूरी तरह से कामयाब हुए हैं लेकिन अब लग रहा है कि अब धीरे-धीरे पर्यटन दोबारा शुरू हुआ है। बर्फ पड़ने के बाद इसकी तादाद बढ़ गई है। उम्मीद करते हैं कि और बर्फ होगी तो और लोग आएंगे।