दिल्ली में गलन वाली ठंड!: पालम में 2.3°C रहा पारा, गुरुग्राम में विजिबिलिटी 50 मीटर के करीब; कई उड़ानों पर असर

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Shikha Bhardwaj

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार सुबह पालम क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे ठंडे दिनों में से एक रहा। गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर 50 मीटर के आसपास पहुंच गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ा।

दिल्ली में गलन वाली ठंड!:गुरुग्राम पर घने कोहरे का कहर, विजिबिलिटी बेहद कम;  Igi एयरपोर्ट पर कुछ फ्लाइट्स लेट - Delhi Ncr Weather Update Today Dense Fog  Observed This ...

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर और उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण दिल्ली में गलन बढ़ गई है। सुबह के समय ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। लोधी रोड, आया नगर और रिज इलाके में भी न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। विभाग ने अगले दो दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है।

घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखने को मिला। कम दृश्यता के चलते कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें देरी से संचालित हुईं, जबकि कुछ फ्लाइट्स को डायवर्ट भी करना पड़ा। यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। रेलवे परिचालन भी प्रभावित रहा और उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें एक से तीन घंटे तक लेट रहीं।

सड़कों पर भी हालात चुनौतीपूर्ण रहे। दिल्ली–जयपुर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर वाहन रेंगते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने, धीमी गति से चलने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। कई जगहों पर स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

डॉक्टरों ने इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बुजुर्गों और बच्चों को सुबह–शाम बाहर न निकलने, गर्म कपड़े पहनने और गर्म पेय लेने की सलाह दी गई है। अस्पतालों में सर्दी–जुकाम और सांस की दिक्कत वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों तक दिल्ली–एनसीआर में ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। दिन में धूप निकलने के बावजूद गलन बनी रहेगी। प्रशासन ने रैन बसेरों की क्षमता बढ़ा दी है और बेघर लोगों के लिए अलाव की व्यवस्था की जा रही है।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

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