उत्तर प्रदेश से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर आंख को नम कर दिया। एक मासूम बेटे के सिर से मां का साया उठ गया, लेकिन अंतिम विदाई में कंधा देने वाला भी कोई नहीं मिला। पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी और रिश्तेदारों ने भी मुंह मोड़ लिया। यह बेबस बच्चा अकेला अपनी मां के शव के पास बैठा रहा, मानो मदद की आस में किसी फरिश्ते का इंतजार कर रहा हो।

मामला प्रदेश के एक छोटे से गांव का है, जहां बीमारी के चलते महिला की मौत हो गई। परिवार की आर्थिक हालत पहले से ही बेहद खराब थी। पति के निधन के बाद मां ही इस बच्चे का सहारा थी। जैसे ही मां ने अंतिम सांस ली, पूरा घर उजड़ गया। पड़ोसियों के मुताबिक घर में इतने पैसे भी नहीं थे कि अंतिम संस्कार का इंतजाम हो सके।
सबसे दर्दनाक दृश्य तब दिखा जब शव को श्मशान ले जाने के लिए चार कंधे तक नहीं मिल पाए। मासूम बेटा बार-बार लोगों से गुहार लगाता रहा कि कोई उसकी मां को अंतिम विदाई दिला दे। उसकी आंखों से बहते आंसू और कांपती आवाज सुनकर आसपास के लोग भी भावुक हो गए। बाद में कुछ स्थानीय युवकों और समाजसेवियों ने आगे आकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया। अधिकारियों ने परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और बच्चे की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाने का भरोसा दिया है। बाल कल्याण विभाग से भी संपर्क किया गया है ताकि बच्चे के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
यह घटना समाज के उस कड़वे सच को दिखाती है, जहां गरीबी और अकेलापन इंसान को कितना बेबस बना देता है। मां-बाप का साया उठने के बाद यह मासूम अब पूरी तरह अनाथ हो गया है। गांव के लोग भी अब उसकी मदद के लिए आगे आने की बात कह रहे हैं, ताकि इस बच्चे का जीवन फिर से संभल सके।