मुजफ्फरपुर | विशेष रिपोर्ट
बिहार में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बैंक अधिकारी बनकर ठगी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इस बार शिकार बने हैं पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी मो. खलीफ खान, जिनसे ठगों ने सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के नाम पर 10 लाख रुपये निकाल लिए।

💻 PNB अधिकारी बनकर किया फोन, ओटीपी लेते ही उड़ाए पैसे
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर निवासी मो. खलीफ खान, जो पहले पीएनबी की जवाहरलाल रोड शाखा में पेंशन डेस्क सहायक के पद पर कार्यरत थे, करीब आठ वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए थे।
हर साल की तरह इस बार भी उन्होंने अपना लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने के लिए 6 नवंबर को आवेदन दिया था।
शनिवार को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिस पर PNB बैंक का लोगो भी दिख रहा था। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और कहा कि उनका लाइफ सर्टिफिकेट वेरिफाई करना है। इसके लिए एक ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे उन्हें बताना होगा।
विश्वास में आकर मो. खलीफ खान ने ओटीपी साझा कर दिया। कुछ ही मिनटों में उनके दो बैंक खातों से कुल 10 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई।
🏦 पेंशन खाते से निकाली गई रकम
पीड़ित ने बताया कि यह पूरी रकम उनके पेंशन खाते से ही निकाली गई है। जैसे ही उन्होंने ट्रांजैक्शन मैसेज देखे, उन्होंने तुरंत साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
🚔 पुलिस ने शुरू की जांच
इस मामले में साइबर थाना प्रभारी टीसी हिमांशु कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और ठगी ओटीपी के माध्यम से की गई है।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और खातों की डिटेल्स व ट्रांजैक्शन हिस्ट्री खंगाली जा रही है ताकि ठगों का पता लगाया जा सके।
⚠️ साइबर ठगों का नया तरीका
जांच अधिकारियों के अनुसार, अब ठग बैंक लोगो और वेरिफिकेशन कॉल का सहारा लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।
विशेष रूप से लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट, पेंशन वेरिफिकेशन या KYC रिन्यूअल के नाम पर ओटीपी मांगना उनके सामान्य तरीकों में से एक है।