
फतेहपुर। कहने को तो राधानगर पुलिस ने चोरी का खुलासा कर दिया। दो चोरों को पकड़ भी लिया, लेकिन व्यापारियों का आरोप है कि राधानगर पुलिस ने चोरी में बरामद हुए 16 लाख रुपये में से सिर्फ एक लाख ही बरामदगी दिखाई है। तभी एक व्यापारी ने कहा, कप्तान साहब…पुलिस तो कमाल है, चोरी में बरामद माल को ही हड़प गई। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाए।
बृहस्पतिवार को जिला उद्योग व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष रवि प्रकाश दुबे की अगुवाई में पुलिस अधीक्षक से मिला। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त की रात जयराम नगर पुलिस चौकी से 100 मीटर की दूरी पर मुख्य सड़क पर स्थित जय प्रकाश की किराने की दुकान से करीब 18 लाख रुपये की चोरी हुई थी।
दो दिन में एक आरोपी पकड़ा गया, जिसने कबूला कि उसके हिस्से में पांच लाख आए। तीन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया था। दूसरा आरोपी को भी पुलिस ने पकड़ लिया। उसने बताया कि उसके हिस्से के 11 लाख रुपये आए थे, जिसे रिश्तेदार के पास रखवाए हैं।
व्यापारियों का आरोप है कि दोनों आरोपियों को चार दिन थाने में रखने के बाद सिर्फ एक लाख की बरामदगी दिखाकर एक सितंबर को जेल भेज दिया गया। तीसरा आरोपी अब भी फरार है।
व्यापारियों ने कहा, यदि चोरों ने खुद इतनी रकम होने की बात स्वीकारी है तो फिर बाकी रकम कहां गई। पुलिस अधीक्षक ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राधानगर थाना प्रभारी से फोन पर बात की और निर्देश दिया कि दो दिन में पूरी रिकवरी की जानकारी दी जाए।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में संजय मोदनवाल, प्रकाश सिंह, बद्री विशाल गुप्ता, राजकुमार मिश्रा, मुन्ना सिंह, सरदार वरिंदर सिंह और रामबाबू गुप्ता समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।