वाराणसी जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र निवासी विशाल कुमार हत्याकांड का राज आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया। घटना को अंजाम दिए हुए भले ही एक साल बीत चुका था, लेकिन दशाश्वमेध पुलिस ने लगातार जांच कर दो आरोपियों को दबोच लिया।
सोमवार को पुलिस ने रामचंदीपुर पुल, सारनाथ से मुख्य आरोपी वीरू कुमार और उसके दोस्त दिलीप कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि विशाल का अपनी भाभी से नज़दीकी संबंध होने का शक वीरू को था। इसी शक के चलते उसने दोस्त दिलीप संग मिलकर तीन अगस्त 2024 को अपने ही रिश्तेदार विशाल को मौत के घाट उतार दिया।

कैसे रची गई साजिश
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वारदात के दिन दोनों आरोपियों ने विशाल को शराब पार्टी के बहाने बुलाया।
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पांडेयपुर चौराहे से लेकर कच्चा बाबा मार्ग तक तीनों साथ बैठे और शराब पी।
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देर रात हल्की बारिश के बीच रामचंदीपुर पुल पर पहुंचे।
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उसी दौरान वीरू ने चाकू निकालकर विशाल पर हमला किया।
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गले और पेट में चाकू घोंपने के बाद घायल विशाल को वरुणा नदी में फेंक दिया।
पुलिस की जांच और बड़ा खुलासा
विशाल के गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके पिता महेंद्र ने दर्ज कराई थी। शुरुआत में शक गांव की एक लड़की और उसके पिता पर गया, लेकिन गहन पूछताछ में कुछ नहीं निकला। बाद में कॉल डिटेल खंगालने पर सच्चाई सामने आई।
पुलिस ने लगभग 2000 मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच की। इसमें पाया गया कि घटना की रात वीरू का फोन विशाल के मोबाइल पर आया था। जब पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
डीसीपी क्राइम सरवणन टी. और एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने साफ कहा कि विशाल को इसलिए खत्म किया गया ताकि वह हमेशा के लिए भाभी की जिंदगी से दूर हो जाए।