Lucknow News: बैंककर्मी की मौत में पत्नी, दो सालों पर हत्या का केस

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ससुराल में बैंककर्मी की संदिग्ध हालात में मौत

लखनऊ। मड़ियांव के केशवनगर स्थित ससुराल आए बैंककर्मी अरुण कन्नौजिया (35) की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में पत्नी विनीता कुमारी, सालों अमित, अरविंद व उनके घरवालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। अरुण की बहन रवींद्रपल्ली निवासी नेहा की तहरीर पर मड़ियांव थाने में केस दर्ज हुआ है।

इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र ने बताया कि नेहा का आरोप है कि आरोपी उनके भाई की संपत्ति हड़पना चाहते थे। इस कारण साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी। नेहा ने पुलिस को बताया कि 30 अगस्त की शाम विनीता ने फोन कर बताया कि अरुण की तबीयत बहुत खराब है और वह राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हैं। नेहा व उनके परिजन अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि अरुण की मौत हो चुकी थी। नेहा का कहना है कि भाई का अकड़ा शरीर नीला पड़ चुका था। उनकी भी काली पड़ चुकी थी। अरुण के शरीर पर सिर्फ अंडरवियर था। इंदिरानगर निवासी अरुण बैंक ऑफ बड़ौदा की मोहिबुल्लापुर शाखा में कैशियर थे।
सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।