Uttarakhand: दून एयरपोर्ट पर 23 वर्षों के बारिश के रिकॉर्ड टूटे, मौसम वैज्ञानिक और पर्यावरणविद् भी हैरान

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इस साल मई और जून में भी बारिश ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। बारिश के लिहाल से 2025 का यह वर्ष काफी महत्वपूर्ण है जिससे मौसम वैज्ञानिक और पर्यावरणविद् हैरान हैं।

Rain records 23 years of rain records broken at Dehradun Airport Jollygrant Uttarakhand weather

देहरादून एयरपोर्ट पर अगस्त माह की बारिश ने अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अगस्त माह में देहरादून एयरपोर्ट पर कुल 986.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है जिससे पिछले 23 वर्षों के रिकॉर्ड टूट गए हैं।

देहरादून एयरपोर्ट मौसम विभाग वर्ष 2002 से बारिश के रिकॉर्ड रख रहा है। इससे पहले का बारिश का कोई भी डाटा मौसम विभाग के पास नहीं है। इसलिए अधिक बारिश को देखते हुए यह भी संभावना है कि बारिश ने इससे पहले के भी कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़े हों।

इस वर्ष जुलाई को छोड़ दें तो अगस्त ही नहीं मई और जून में भी बारिश ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। जिस कारण बारिश के लिहाल से 2025 का यह वर्ष काफी महत्वपूर्ण है जिससे मौसम वैज्ञानिक और पर्यावरणविद् हैरान हैं। 2013 में केदारनाथ में जलप्रलय आया था।

उस वर्ष भी अगस्त में सिर्फ 298 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। किसी भी वर्ष के सभी महीनों में लगभग 2200 से 2300 मिमी तक ही बारिश दर्ज की जाती है लेकिन इस बार सिर्फ अगस्त में ही यह आंकड़ा एक हजार के करीब पहुंच गया है जिससे पहाड़ी गांवों में काफी नुकसान भी हुआ है।

एयरपोर्ट पर दर्ज इस सीजन बारिश के आंकड़े

वर्ष             बारिश

मई 2025 160.8 मिमी

जून 2025 578 मिमी

जुलाई 2025 499.3 मिमी

अगस्त 2025 986.9 मिमी

(नोट : पिछले चार माह में कुल 2225 मिमी बारिश हुई दर्ज)

अगस्त में इन वर्षों में दर्ज हुई अधिक बारिश

वर्ष             बारिश

अगस्त 2012 720.5 मिमी

अगस्त 2014 802.5 मिमी

अगस्त 2018 829.4 मिमी

अगस्त 2023 745.8 मिमी

अगस्त 2025 986.9 मिमी

इस वर्ष अगस्त में 986.9 मिमी बारिश हुई है। बिगड़ते पर्यावरण के कारण बादल फटने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। कभी कम तो कभी बहुत अधिक बारिश हो रही है। विकास और पर्यावरण दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है। मौसम केंद्रों का विस्तार किया जाना चाहिए।

 

 

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Author: NIMRA SALEEM

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