कांस्टेबल की पत्नी रेशमा सैफी ने बीएड की पढ़ाई के दौरान अपने पति की बजाय मां का आय प्रमाणपत्र लगा दिया और छात्रवृत्ति ले ली। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कानपुर में तैनात कांस्टेबल की पत्नी रेशमा सैफी ने बीएड की पढ़ाई के दौरान धोखाधड़ी से करीब 70 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त कर ली। इसके लिए आवेदन में आय प्रमाण-पत्र पति की जगह मां का लगा दिया। अधिवक्ता की शिकायत पर जांच कराने के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शास्त्रीनगर निवासी मोहम्मद शाहिद ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में शिकायत की थी। इसमें बताया था कि कंकरखेड़ा क्षेत्र के नंगलाताशी निवासी रेशमा सैफी ने इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज में बीएड पाठ्यक्रम में 24 नवंबर 2022 को प्रवेश लिया था। इससे पूर्व 21 अगस्त 2022 को उनका विवाह हो चुका था।
रेशमा सैफी ने बीएड की पढ़ाई के दौरान वित्तीय वर्ष 2022-23 में 33,710 रुपये और वित्तीय वर्ष 2023-24 में 36,360 रुपये की छात्रवृत्ति कूटरचित आवेदन कर प्राप्त कर ली। विवाह के बाद आवेदन में नियमानुसार पति का आय प्रमाण-पत्र लगाना चाहिए था लेकिन रेशमा सैफी ने मां की आय का प्रमाण पत्र लगाया।
रेशमा सैफी के पति मुजफ्फरनगर के थाना मीरापुर गांव सरायखेड़ी निवासी मोहम्मद आरिफ पुलिस महकमे में कांस्टेबल हैं और कानपुर में तैनात हैं। इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से रेशमा सैफी को छात्रवृत्ति की धनराशि सरकारी कोष में जमा कराने के लिए पत्र जारी किया गया। सब रजिस्ट्रार चतुर्थ मेरठ सदर से आख्या मांगी गई।
इससे सामने आया कि रेशमा सैफी का विवाह बीएड में प्रवेश से पहले हो चुका था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने इस मामले में कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा था। इसके आधार पर धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। सीओ कोतवाली अंतरिक्ष जैन का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।