UP News: पांच लाख रुपये दो, नहीं तो गोली मारकर शव गंगा में बहा देंगे… मुख्तार के शूटरों ने मांगी रंगदारी

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Shikha Bhardwaj

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गाजीपुर जिले में कुख्यात अपराधी मुख्तार अंसारी के शूटर और आईएस-191 गैंग के सक्रिय सदस्य उमेश राय उर्फ़ गोरा राय और उसके साथियों पर रंगदारी मांगने का मामला दर्ज हुआ है। पीड़ितों का आरोप है कि उनसे ₹5 लाख की मांग की गई और इंकार करने पर खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई।UP: रामपुर में युवक की गोली मारकर हत्या, पैसों के लेन-देन को लेकर था विवाद  - youth was shot dead for stealing money Rampur uttar pradesh lclar - AajTak

क्या है मामला?
मसौनी गांव निवासी मृत्युंजय राय उर्फ चंदन राय और उमेश तिवारी ने पुलिस को तहरीर दी कि 24 अगस्त की शाम दुबिहा मोड़ बाजार में गोरा राय और उसके गुर्गों ने पिस्टल दिखाकर रंगदारी मांगी। विरोध करने पर कहा गया कि “पैसे दो वरना जिंदगी खत्म कर देंगे।” आरोपियों ने धमकी दी कि गोली मारकर शव गंगा में बहा देंगे।

पीड़ितों के आरोप
पीड़ितों के मुताबिक, सबसे पहले रविकांत मिश्रा और प्रताप नारायण मिश्रा ने धमकाया और खुद को गोरा राय का शार्प शूटर बताया। इसके बाद जब उन्होंने पैसे देने से मना किया, तो गोरा राय अपने भतीजे दुर्गेश राय उर्फ विक्की और अन्य गुंडों के साथ कार में वहां आ पहुँचा। पीड़ितों का कहना है कि सभी ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की और सीसीटीवी कैमरों के सामने ही गाली-गलौज व धमकी दी।

पुलिस की कार्रवाई
एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने बताया कि शिकायत के आधार पर करीमुद्दीनपुर थाने में गोरा राय, रविकांत मिश्रा, दुर्गेश राय, प्रताप नारायण मिश्रा और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

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Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।