Uttarkashi: यमुना नदी में बनी झील खोलने के लिए की ब्लॉस्टिंग, सिर्फ एक फीट पानी हुआ कम, खतरा अभी भी बरकरार

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Uttarkashi News: दिनभर कुपड़ा खड्ड से मलबा और बोल्डर गिरते रहे जिससे झील का मुहाना नहीं खुल पाया। डीएम प्रशांत आर्य के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने आपसी सुझावों के बाद ब्लास्टिंग का फैसला लिया।

Uttarkashi: Blasting done to open the lake formed in Yamuna river, water level reduced by only one feet

 

स्यानाचट्टी के पास कुपड़ा खड्ड में लगातार आ रहे मलबे और बोल्डर के कारण यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर दूसरे दिन भी जस का तस बना हुआ है। हालांकि प्रशासन ने झील के मुहाने को खोलने के लिए ब्लास्टिंग का सहारा लिया लेकिन इससे पानी का स्तर सिर्फ एक फीट ही कम हो पाया। ऐसे में खतरा अभी कम नहीं हुआ है। अब प्रशासन स्थिति से निपटने के लिए अन्य वैकल्पिक उपायों की तलाश कर रहा है।

शुक्रवार को दिनभर कुपड़ा खड्ड से मलबा और बोल्डर गिरते रहे जिससे झील का मुहाना नहीं खुल पाया। डीएम प्रशांत आर्य के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने आपसी सुझावों के बाद ब्लास्टिंग का फैसला लिया। ब्लास्टिंग इस तरह से की गई कि आसपास की पहाड़ियों पर कोई कंपन न हो। ब्लास्टिंग के बाद झील से थोड़ा पानी का रिसाव तो शुरू हुआ लेकिन इसका अधिक फायदा नहीं हुआ।

हालांकि झील का जलस्तर सिर्फ एक फीट कम होने और मौसम साफ रहने के कारण लोगों ने हल्की राहत की सांस ली है। फिर भी खतरा अभी भी बना हुआ है। कुथनौर, खरादी और गंगनानी के आस-पास के होटलों को पूरी तरह से खाली करा दिया गया है। इधर स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब प्रशासन को कुपड़ा खड्ड से होने वाले खतरे की जानकारी पहले से थी तो भी कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।

वहीं दूसरी ओर डीएम प्रशांत आर्य, विधायक संजय डोभाल और अन्य राहत-बचाव टीमें एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की राफ्टों के माध्यम से स्यानाचट्टी के दूसरी तरफ पहुंची हैं जहां राहत कार्य शुरू कर दिया गया है।

 

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Author: NIMRA SALEEM

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