कांशीराम अस्पताल का हाल: भर्ती हो या डिस्चार्ज…पैसा दो तभी इलाज, प्रसूताओं से इलाज से पहले वसूले जाते हैं पैसे

Picture of Shikha Bhardwaj

Shikha Bhardwaj

SHARE:

कानपुर के कांशीराम अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं से भर्ती, डिलीवरी और डिस्चार्ज के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आया है। अमर उजाला की पड़ताल में कई महिलाओं ने यह स्वीकार किया कि बिना पैसे दिए उनका इलाज संभव नहीं होता।Free treatment of patients will no longer be available in Kashipur ujala  hospital ayushman yojna उत्तराखंड के इस अस्पताल में अब नहीं हाेगा मरीजों का  फ्री इलाज, काशीपुर के अस्पताल में ...

महिलाओं का आरोप

  • भर्ती कराने के लिए 100–200 रुपये देने पड़ते हैं।

  • सर्जरी कराने के लिए 5 से 10 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं।

  • डिस्चार्ज के समय भी स्टाफ पैसे मांगता है।

कुछ महिलाओं ने नाम उजागर करने में झिझक दिखाई, उन्हें डर था कि सच्चाई सामने रखने पर इलाज में लापरवाही बरती जा सकती है।

परिजनों का दर्द

  • उमा (सनिगवां): “डिलीवरी के लिए 5 हजार रुपये देने पड़े। बिना पैसे ऑपरेशन नहीं किया।”

  • पूनम (नौबस्ता): “बच्चा SNCU में भर्ती है, डिलीवरी से पहले ही पैसे देने पड़े।”

  • मरजीना (कैलाश नगर): “ऑपरेशन के लिए पापा ने पैसे दिए, तभी डिलीवरी हो सकी।”

  • पिंकी (गुजैनी): “भर्ती के समय 100 रुपये, डिलीवरी और डिस्चार्ज पर भी पैसे देने पड़े।”

प्रशासन का पक्ष

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवीन चंद्रा का दावा है कि अस्पताल में सभी मरीजों का सही तरीके से इलाज किया जाता है और रोगी संतुष्ट रहते हैं। वहीं अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. संजू अग्रवाल ने कहा कि “सरकारी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह निशुल्क है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा पैसे लिए जाने की शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई