भारतीय रेलवे के बदले हुए नियमों के चलते कोई भी यात्री वेटिंग टिकट पर यात्रा नहीं कर सकेगा। रेलवे ने स्लीपर में उपलब्ध सीटों का 40 और एसी में 60 प्रतिशत वेटिंग लिस्ट के टिकट जारी करने का नियम बनाया है।
इस मामले में रेलवे बोर्ड के अधिकारियों कहना है कि, रेलवे ने पिछले साल के अनुभव के आधार पर अधिक ट्रेनों को चलाने का फैसला किया है। यात्रियों की सुविधा के लिए इस बार 12,000 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, जो 2024 की 9,000 ट्रेनों से ज्यादा हैं। आमतौर पर लोग अपनी सुविधा के अनुरूप त्योहार के एक या दो दिन पूर्व वाली रेगुलर ट्रेन में टिकट बुकिंग करना चाहते है। इसलिए कंफर्म टिकट मिलने में दिक्कत आती है। इसलिए रेलवे त्योहारी दिनों में स्पेशल ट्रेन चलाएगा। जिससे यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल सके। इसके अलावा रेलवे त्योहारों के आसपास डिमांड के अनुसार अधिक भीड़ वाले रूटों पर क्लोन या स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला करता है।
इस वजह से पेमेंट होता है लेट
आईआरसीटीसी का कहना है कि त्योहार सीजन के लिए टिकट बुकिंग शुरु हो गई है। त्योहारों सीजन में लाखों लोग एक साथ टिकट बुकिंग करते है। इसी वजह से पेमेंट की प्रक्रिया में देरी होती है। आईआरसीटीसी ने सर्वर की क्षमता पहले की तुलना में बढ़ाई है। इसका परिणाम है दिवाली के लिए हाल ही में रिकार्ड बुकिंग हुई है। 24 घंटे में 18.74 लाख बुकिंग हुई है। इसलिए सर्वर या सफ्टवेयर में कोई कमी नहीं है। अब पहले के मुकाबले तत्काल के टिकट प्रक्रिया भी आसान हुई है। बिना किसी रुकावट के लोगों के तत्काल टिकट भी फटाफट बुक हो रहे है।