UP: महीनेभर दरिंदों के चंगुल में थीं बेटियां, होती रही दरिंदगी, म्यूजिक बजा करते थे घिनौना काम; बयां किया दर्द

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मुरादाबाद में बेटियां महीनेभर से दरिंदों के चंगुल में थीं। उनके साथ घिनौना काम होता रहा। पीड़ितों ने कई बार की भागने की कोशिश की, लेकिन निकल न पाईं। आरोपी तेज आवाज में म्यूजिक बजाकर बेटियों की पिटाई भी करते थे।

Moradabad Crime Girls Trapped For A Month In Kanshiram Nagar Rescued After  Ordeal - Amar Ujala Hindi News Live - Up:महीनेभर दरिंदों के चंगुल में थीं  बेटियां, होती रही दरिंदगी, म्यूजिक बजा करते थे घिनौना काम; बयां किया दर्द

मुरादाबाद में माता-पिता से नाराज होकर अपने घर से निकली बेटियां दरिंदों के चंगुल में फंस गईं। शहर के कांशीराम नगर में उन्हें एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया। यहां दरिंदों ने उनके साथ कई बार दुष्कर्म किया

मंगलवार को सियालदह एक्सप्रेस में टीटीई स्टाफ को मिलीं लड़कियों ने काउंसिलिंग में अपना दर्द बयां किया है। अब बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कौशल का कहना है कि वह इस मामले में मझोला थाने में मुकदमा दर्ज कराएंगे जिससे आरोपी पकड़े जा सकें।

ट्रेन में मिलीं तीन लड़कियों में से एक नाबालिग और दो बालिग हैं। बिहार निवासी नाबालिग ने बाल कल्याण समिति को बताया कि 19 जुलाई को वह अपने घर से नाराज होकर ट्रेन में सवार होकर दिल्ली पहुंच गई।

वहां रेलवे स्टेशन पर उसे मुरादाबाद का एक व्यक्ति मिला। काम पर लगवाने व रहने के लिए कमरा देने का लालच देकर उसे मुरादाबाद ले आया। यहां अपनी बहन का मकान बताकर उसे कांशीराम नगर में रखा। दो दिन तक जब उसने किशोरी को किसी काम पर नहीं लगवाया तो वह घर जाने के लिए कहने लगी।

इसके बाद आरोपी ने अपने तीन-चार साथियों के साथ उससे जबरदस्ती की। एक माह में कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जब भी वह भागने की कोशिश करती तो म्यूजिक सिस्टम तेज आवाज में बजाकर उसकी पिटाई की जाती थी।

दोनों बेटियों ने मिलकर जुटाई भागने की हिम्मत
समिति के अध्यक्ष अमित कौशल के मुताबिक काउंसलिंग में पता चला कि बिहार की किशोरी को कांशीराम नगर के उस मकान में बस्ती निवासी युवती मिली। दो माह में बस्ती निवासी युवती के साथ भी दुष्कर्म किया गया। इसी जगह जोया निवासी युवती भी थी जोकि चार माह से उन लड़कों के साथ रह रही थी।

दोनों पीड़ित लड़कियों के साथ वह भी निकलकर भागने को तैयार हो गई और तीनों मुरादाबाद स्टेशन पर जाकर ट्रेन में बैठ गईं। सहारनपुर पहुंचीं तो पता चला कि अपने घर जाने के लिए उन्हें दूसरी ट्रेन में बैठना होगा। सहारनपुर से तीनों वापस आ रही थीं कि टीटीई स्टाफ ने उन्हें रेस्क्यू कर लिया और जीआरपी को सौंप दिया।

बड़े  रैकेट की आशंका, मामला टाल रही जीआरपी 
लड़कियों के बयान के मुताबिक उन्हें अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से एक ही व्यक्ति ने मुरादाबाद पहुंचाया और यहां गलत काम किया। इससे रेलवे स्टेशनों पर अकेले व लावारिस हालत में मिलने वाली लड़कियों को रैकेट में धकेलने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना ने जीआरपी की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं।

जीआरपी अब तक मामले को लड़कियों के घर से नाराज होकर भागने का बता रही है। पुलिस के मुताबिक ये लड़कियां पहले भी घर से भाग चुकी हैं और उनके साथ कोई गलत काम होने की बात सामने नहीं आई है।

ट्रेन में मिलीं तीन लड़कियों में से एक नाबालिग है। दो के साथ बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया और एक अपनी मर्जी से वहां रह रही थी। दोनों पीड़ित बेटियों ने कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं। बयान के आधार पर मझोला पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। – अमित कौशल, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति 

ट्रेन में मिलीं किशोरियों को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। वहीं उनकी काउंसिलिंग चल रही है। उनके साथ कोई गलत काम होने की जानकारी सामने नहीं आई है। – अनिल वर्मा, सीओ, जीआरपी

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