दिल्ली में तिरहे हत्याकांड से सनसनी, छोटा बेटा ही निकला हत्यारा
बुधवार शाम दिल्ली के एक तिरहे पर हुई क्रूर हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। घटना में छोटे बेटे ने अपने ही मां-बाप और बड़े भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने तीनों के गले को धारदार चाकू से वार किया और चेहरे पर ईंट से प्रहार किया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था।
पुलिस ने जांच के बाद आज आरोपी का शव राजपुर के तालाब से बरामद किया है।

दक्षिण दिल्ली के खरक गांव में तिहरी हत्या, बेटा बना हत्यारा
दक्षिण दिल्ली के मैदान गढ़ी थाना इलाके के खरक गांव में बुधवार शाम दिल दहला देने वाला तिहरा हत्याकांड सामने आया। सिद्धार्थ (22-23 वर्ष) ने अपने ही पिता प्रेम सिंह (48), मां रजनी (45) और भाई ऋतिक (24) की बेरहमी से हत्या कर दी।
तीनों शव लहूलुहान हालत में पाए गए। पुलिस के अनुसार, शवों के गले पर धारदार चाकू से गला रेतने के निशान थे और चेहरे पर ईंट से प्रहार किया गया था। घटना स्थल की जांच में दूसरी मंजिल और ग्राउंड फ्लोर से एक-एक चाकू बरामद हुआ।
पुलिस ने बताया कि आरोपी सिद्धार्थ अवसाद से जूझ रहा था और उसका इलाज एम्स में चल रहा था। घटना के बाद उसने आत्महत्या कर ली। उसका शव आज राजपुर के तालाब से बरामद किया गया।
खरक गांव में तिहरी हत्या, बेटे पर वारदात का आरोप
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि बुधवार शाम मकान संख्या 155, सतबारी खरक गांव से पुलिस को पीसीआर कॉल मिली। कॉलर ने बताया कि एक लड़के ने अपने हाथ को काट लिया है और घर में बहुत खून पड़ा है, उसे मदद की जरूरत है।
सूचना पर मैदान गढ़ी थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। घर में प्रवेश करने पर ग्राउंड फ्लोर पर दो लहूलुहान शव पाए गए। वहीं पहली मंजिल पर रजनी नाम की महिला का शव मिला, जिसका मुंह कपड़े से बंधा हुआ था।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वारदात के बाद मृतक दंपत्ति का बेटा सिद्धार्थ (22-23 वर्ष) फरार हो गया था। जानकारी के अनुसार, उसका एम्स में अवसाद का इलाज चल रहा था।
आरोपी युवक नशे का आदी या मानसिक रोगी?
स्थानीय लोगों का दावा है कि सिद्धार्थ नशे का आदी था और अक्सर इसी वजह से परिवार के सदस्यों से झगड़ा करता था। बताया गया है कि वह दोस्तों के साथ नशा करता और काफी सिगरेट पीता था।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि सिद्धार्थ मानसिक रूप से बीमार था और उसका मानसिक इलाज चल रहा था।
स्थानीय लोगों ने देखे लहूलुहान शव, सिद्धार्थ बना मुख्य संदिग्ध
स्थानीय लोगों के अनुसार, पीड़ित घर के सामने से मोहल्ले का एक युवक गुजर रहा था। उसने देखा कि घर का दरवाजा खुला था और अंदर खून से लथपथ शव पड़े थे। इस युवक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
चार में से तीन लोगों की बर्बर हत्या और परिवार के सबसे छोटे सदस्य सिद्धार्थ के गायब होने के कारण पुलिस ने उस पर हत्या का शक जताया।
आज पुलिस ने सिद्धार्थ का शव राजपुर तालाब से बरामद किया है।
घर से बरामद हुए मानसिक इलाज के दस्तावेज, सिद्धार्थ की 12 साल की बीमारी उजागर
पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि घर की तलाशी के दौरान सिद्धार्थ के मानसिक इलाज के दस्तावेज और दवाइयां बरामद हुई हैं। इन दस्तावेजों से पता चला कि वह पिछले 12 वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज करवा रहा था। पुलिस ने बताया कि वह अक्सर आक्रामक स्वभाव का था।