शादी के नाम पर धोखाधड़ी के दो मामले उजागर
बदायूं जिले में शादी के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में दुल्हन ने विवाह के कुछ ही दिनों बाद पति और ससुरालवालों को नशीला पदार्थ खिलाकर नकदी व जेवर लेकर फरार हो गई। वहीं, दूसरे मामले में शादी का झांसा देकर लाखों रुपये और गहने हड़प लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला : शादी के बाद दुल्हन फरार
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव बहेड़ी निवासी रूपेंद्र व रामू ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। उन्होंने बताया कि 26 सितंबर 2024 को पटना (बिहार) निवासी कन्हैया कुमार, उसकी मां मंजू देवी और निभा कुमारी उनके चचेरे भाई के घर आए।
निभा कुमारी से शादी कराने के एवज में उनके बैंक खाते में 1.60 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए। इसके बाद मंदिर में रूपेंद्र की शादी निभा से करा दी गई।
लेकिन 29 सितंबर को निभा ने खाने में पति व परिजनों को नशीला पदार्थ मिला दिया। सभी गहरी नींद में सो गए। जब घरवाले सुबह जागे तो अलमारी से सोने-चांदी के जेवर और 20 हजार रुपये नकद गायब थे और दुल्हन भी लापता थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने निभा कुमारी व अन्य आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला : बारात ले जाकर फंसा दिया
गांव चंदऊ निवासी अनेक पाल शर्मा ने बताया कि उनकी पहचान बिल्सी क्षेत्र के उमेश और सुनील से हुई। उन्होंने एक युवती से शादी कराने का वादा किया। इसके लिए मूसाझाग थाना क्षेत्र के मोहम्मद नगर सुलरा निवासी मनोज ने भी सहमति जताई।
मनोज के कहने पर वह कुशीनगर (बिहार बॉर्डर) तक बारात लेकर पहुंच गए। वहां उमेश, मनोज, गोविंद, रवि, रश्मि और भगवती मुरली समेत कई लोगों ने धोखाधड़ी करते हुए उनसे 2 लाख रुपये और सोने-चांदी के जेवर ठग लिए।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज कर लिया है।