कठुआ में दो जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। जुथाना के जोड़ में जनजातीय समुदाय के पांच सदस्यों की मौत हो गई जबकि पांच बुरी तरह से घायल हैं। मृतकों में पांच बच्चे शामिल हैं। इससे कई इलाकों में सड़क संपर्क कट गया। रेल यातायात रविवार तड़के 4 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक बाधित रहा।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ शहर में रविवार को तबाही के मंजर के साथ सुबह हुई। बादल फटने से वार्ड-8 में दर्जनों घरों में बारिश का पानी भर गया। शहर के मध्य बहने वाली कठुआ खड्ड के उफान ने वार्ड-7 में जमकर तबाही मचाई।
एक घर में शादी समारोह की सारी व्यवस्था बर्बाद हो गई। वहीं इसी वार्ड में बनी दर्जनों झुग्गियों में रहने वाले लोगों को सब कुछ नष्ट हो गया। बारिश के तेज बहाव से गलियां और सड़कें खंडहर हो गईं।

कई कारों को भारी नुकसान
तेज बहाव से कई घरों की चहारदीवारी टूट गई। कई वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए। आईटीआई रोड पर पार्क हुई आधा दर्जन कारें पानी के तेज बहाव से काफी दूर तक बह गई। जिसमें कई कारों को भारी नुकसान भी हुआ है। करीब पांच फीट हुए जलभराव से कई वाहन उसमें डूबे रहे।

लोगों के घरों में घुस गई कीचड़
वहीं कई दोपहिया वाहन तेज बहाव से नदारद हो गए। जिन्हें उनके मालिक सुबह से तलाश करते रहे। पानी के तेज बहाव के साथ आया कीचड़ लोगों के घरों में घुस गया। इससे लोगों के घरों में रखा बिजली का सामान, बेड बिस्तर यहां तक की रसोई में रखा राशन भी इसकी भेंट चढ़ गया।

जिसके कारण दिनभर लोग घरों की सफाई और बचा हुआ सामान तलाशते रहे। लोगों का कहना है कि रविवार की सुबह उनके लिए सिर्फ बर्बादी लेकर आई है। इसकी उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी।

अचानक आए पानी से निचले क्षेत्र में कई मवेशी भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सुबह से ही अपने मवेशियों की तलाश कर रहे किसानों ने बताया कि बाढ़ से उनके कई मवेशी बुरी तरह से घायल हैं, जबकि उन मवेशियों के कई बच्चे भी उन्हें नहीं मिले है। जिनकी तलाश की जा रही है।

वंदे भारत सहित कई ट्रेनें प्रभावित, एकल ट्रैक पर धीमी रफ्तार से गुजरीं
भारी बारिश और बाढ़ ने रेल यातायात को भी प्रभावित किया। सुबह चार बजे के लगभग उफान पर आए सहार खड्ड के चलते कठेरा पुल से ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया गया। पुल की नींव खाली होने से सिर्फ एक ट्रैक पर ही धीमी रफ्तार से ट्रेनों को आने-जाने की अनुमति दी गई।
भारी बारिश और बाढ़ ने रेल यातायात को भी प्रभावित किया। सुबह चार बजे के लगभग उफान पर आए सहार खड्ड के चलते कठेरा पुल से ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया गया। पुल की नींव खाली होने से सिर्फ एक ट्रैक पर ही धीमी रफ्तार से ट्रेनों को आने-जाने की अनुमति दी गई।

इससे वंदे भारत दिल्ली और अमृतसर जाने वाली ट्रेनें तीन घंटे देरी से रवाना हुई। वहीं आधा दर्जन के लगभग अन्य ट्रेनों का संचालन भी देरी से हुआ। दोपहर 1:20 बजे के बाद दोनों ट्रैक से यातायात बहाल कर दिया गया। रेलवे से जानकारी के अनुसार, राजधानी एक्सप्रेस 3:52 बजे कठुआ स्टेशन पर पहुंची जो 7:13 बजे रवाना हुई।

हेमकुंड 5:10 बजे कठुआ स्टेशन पहुंची और 8:15 बजे रवाना हुई। उत्तर संपर्क क्रांति 8:35 बजे पहुंची और 9:02 बजे रवाना की गई। इसी तरह से जम्मू मेल 9:20 बजे पहुंची और 9:49 पर रवाना हुई। शालीमार ट्रेन 10:14 बजे पहुंची और 10:29 बजे रवाना हुई।

पूजा एक्सप्रेस 12:34 बजे पहुंची और ट्रैक बहाल होने के बाद दोपहर 1:35 बजे रवाना की गई। कठेरा खड्ड के पुल नंबर 43 की नींव के आसपास भूमि कटाव होने के चलते एहतियातन ट्रेनों को देरी से रवाना किया गया।

कठुआ में दो जगह बादल फटे, सात की मौत
किश्तवाड़ का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि कठुआ में दो जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। जुथाना के जोड़ में जनजातीय समुदाय के पांच सदस्यों की मौत हो गई जबकि पांच बुरी तरह से घायल हैं। घायलों को चॉपर की मदद से पठानकोट के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। वहीं जंगलोट के बागड़ा में बादल फटने से मां और बेटी की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हैं। मृतकों में पांच बच्चे शामिल हैं। इससे कई इलाकों में सड़क संपर्क कट गया। रेल यातायात रविवार तड़के 4 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक बाधित रहा।
किश्तवाड़ का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि कठुआ में दो जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। जुथाना के जोड़ में जनजातीय समुदाय के पांच सदस्यों की मौत हो गई जबकि पांच बुरी तरह से घायल हैं। घायलों को चॉपर की मदद से पठानकोट के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। वहीं जंगलोट के बागड़ा में बादल फटने से मां और बेटी की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हैं। मृतकों में पांच बच्चे शामिल हैं। इससे कई इलाकों में सड़क संपर्क कट गया। रेल यातायात रविवार तड़के 4 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक बाधित रहा।

कठुआ के जोड़ जुथाना और जंगलोट के बागड़ा गांव में शनिवार देर रात बादल फटा। इन दोनों इलाकों के बीच की दूरी लगभग 15 से 20 रविवार तड़के तीन से चार बजे के बीच जिले में बारिश अचानक तेज हो गई। जुथाना के जोड़ इलाके में अनुसूचित जनजाति के परिवारों को भनक भी नहीं लगी कि कब बादल फटा और कब वे मलबे में जा दबे।

सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ और सेना मौके पर रवाना हो गई। घायलों को सेना की ओर से मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। यहां पांच शव मिले। घायल पांच अन्य लोगों को चॉपर से सैन्य अस्पताल पठानकोट ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इसी दौरान जुथाना के जोड़ से लगभग दस से पंद्रह किलोमीटर की दूरी पर बागड़ा इलाके में भी तबाही मच गई।

यहां कम आबादी वाले इलाके में बादल फटने के बाद तीन मकान पूरी तरह से मलबे में दब गए। जंगलोट में बाढ़ के चलते रेस्क्यू पहुंचने में समय लग गया। दोपहर एक बजे के लगभग एनडीआरएफ मौके पर पहुंची।

इससे पहले स्थानीय लोगों और पुलिस ने अपने स्तर पर अभियान चलाया। यहां दो शव बरामद किए गए जबकि एक बच्चे को भी सुरक्षित बचाकर अस्पताल ले जाया गया है। वहीं कनियाड़ी में बाढ़ की चपेट में आकर दो लोग घायल हुए हैं।

गृहमंत्री ने कहा- जम्मू-कश्मीर के भाई-बहनों के साथ खड़े हैं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कठुआ में आई आपदा के बाद एलजी मनोज सिन्हा व सीएम उमर अब्दुल्ला से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सोशल मीडिया पर पोस्ट में शाह ने लिखा कि स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य चला रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कठुआ में आई आपदा के बाद एलजी मनोज सिन्हा व सीएम उमर अब्दुल्ला से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सोशल मीडिया पर पोस्ट में शाह ने लिखा कि स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य चला रहा है।

एनडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल पर भेज दी गई हैं। मोदी सरकार की ओर से हरसंभव सहायता दी जाएगी। हम जम्मू-कश्मीर के अपने भाइयों और बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख की मदद का किया एलान
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का एलान किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने पोस्ट में लिखा कि सहायता का उद्देश्य तत्काल राहत प्रदान करना और प्रभावित परिवारों को अपना जीवन फिर से शुरू करने में सहायता करना है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का एलान किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने पोस्ट में लिखा कि सहायता का उद्देश्य तत्काल राहत प्रदान करना और प्रभावित परिवारों को अपना जीवन फिर से शुरू करने में सहायता करना है।