
रोहतक पीजीआई में उपचाराधीन एसिड अटैक से झुलसी युवती की हालत में सुधार हो रहा है। बाहरी जख्म तो उपचार से भर रहे हैं पर पिता की बर्बरता का याद कर वह अभी भी सिहर उठती है। सदर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव निवासी 17 साल वर्षीय युवती ने ने सोशल मीडिया के माध्यम अपने पिता की बर्बरता को बयां किया है।
पीड़िता के अनुसार, तीन अगस्त को वह खाना बनाकर घर पर सो रही थी कि इसी दौरान उसके पिता ने उसके चेहरे पर बोतल से तेजाब डाल दिया। इससे उसका पूरा चेहरा और दोनों हाथ सहित सीना भी झुलस गया। जब वह चिल्लाने लगी तो उसके पिता ने उसे घसीटते हुए बाहर आंगन में ले जाकर हौद (पानी की टंकी) में डाल दिया। इसके बाद पिता ढक्कन बंद कर ऊपर बैठ गया। वह तैरना जानती थी इसलिए काफी देर तक वह खुद को बचाने के लिए संघर्ष करती रही।
वह काफी देर तक चिल्लाई तो पड़ोस से दो लोग उसकी मदद को आए। इसके बाद उसे हौद से बाहर निकाला गया। उसे जरा सा भी आभास नहीं था कि उसका पिता इस तरह से उसके साथ दरिंदगी करेगा। वह तो सो रही थी तब उस पर तेजाब डाला गया। उसे लगा कि किसी ने उस पर गर्म लावा डाल दिया। चेहरे और हाथों पर असहनीय जलन हो रही थी। उसे उपचार के लिए पहले जिला नागरिक और फिर रोहतक पीजीआई भेजा गया। जहां उसका उपचार चल रहा है।
मां की हो चुकी है मौत
उसने बताया कि वह गांव के ही स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। उसका छोटा भाई दसवीं की पढ़ाई कर रहा है। उसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी है। पिता ही उनकी देखभाल करता था। वहीं पीड़िता के छोटे भाई का कहना है कि आरोपी पिता जेल जा चुका है। उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी पिता अपनी बेटी के साथ ऐसा न करे।
छह अगस्त को दर्ज हुई थी एफआईआर
इस मामले में छह अगस्त को सदर पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा ने इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग को दी थी। इसके बाद आरोपी पिता को भी सदर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
सदर पुलिस ने एसिड अटैक मामले में केस दर्ज कर आरोपी पिता को जेल भेज दिया था। पीड़िता के पहले ही मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराए जा चुके हैं। फिलहाल उसका रोहतक पीजीआई में उपचार चल रहा है।


